स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह और शिअद नेता प्रकाश सिंह बादल की भूमिका को लेकर उठे सवालों के बीच मुख्यमंत्री बादल ने कैप्टन अमरिंदर के आरोपों पर तीखा प्रहार किया।
बादल ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर के आरोपों में कुछ भी सच नहीं है। ‘अगर मैं संघर्ष से भाग गया होता तो फिर क्यों कांग्रेस सरकार मुझे 16 वर्ष तक जेलों में रखा?’
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन्हें डरपोक होने के चलते 16 साल तक जेल में रखा गया? उस वक्त की कांग्रेस सरकार ने तो उनके खिलाफ ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद देशद्रोह तक के गंभीर मामले दर्ज किए थे, क्योंकि उन्होंने उसका डटकर विरोध किया था।
कैप्टन अमरिंदर ने शुक्रवार को कहा था कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के वक्त बादल उत्तराखंड के बाजपुर स्थित अपने फॉर्म हाउस पर जाकर छिप गए थे। मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि यह सारी बातें बेबुनियाद हैं।
असल बात यह है कि इस तरह की बयानबाजी करके कैप्टन लोगों का ध्यान ऑपरेशन ब्लू स्टार के संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा ब्रिटेन सरकार से ली गई मदद से संबंधित खुलासे से हटाना चाहते हैं।
बादल ने कहा कि ब्रिटिश खुलासे और सिख विरोधी दंगों के मुद्दों पर कांग्रेस उलझी हुई है और कैप्टन इस तरह से अपने नेताओं को बचाने का रास्ता ढूंढ रहे हैं।
पहले कांग्रेस द्वारा अकालियों के खिलाफ विदेशी ताकतों का इस्तेमाल किया गया और अब वह कैप्टन अमरिंदर सिंह की सेवाएं ले रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हमेशा ही कांग्रेस के निशाने पर रहे हैं।
सेना में शामिल सिखों को नौकरियां छोड़ने के लिए उकसाने के कैप्टन के आरोप पर बादल ने कहा कि उस वक्त की घटनाओें ने सभी सिखों के हृदयों को छलनी कर दिया था।
यही वजह थी कि सिख न केवल सेना छोड़कर आए, बल्कि कई ने ने सरकारी सम्मान तक लौटा दिए। बादल ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर ने उस वक्त कांग्रेस छोड़ने का नाटक किया था और अपना काम करने के बाद वह फिर अकाली दल छोड़कर कांग्रेस में लौट गए।
असल में कांग्रेस ने ही उन्हें अकाली दल में भेजा था। बादल ने कहा कि कैप्टन उनके खिलाफ बिल्कुल गलत व झूठे आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की पुरानी नीति है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के लिए सिखों को जिम्मेदार ठहराया जाए। पहले इंदिरा गांधी ऐसी करती रहीं और अब कैप्टन उसी गांधी परिवार को एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।