Parkash Singh Badal Passes Away: पंजाब के अब तक 17 मुख्यमंत्रियों में प्रकाश सिंह बादल को सबसे कम उम्र 43 साल और सबसे ज्यादा 82 साल की उम्र के मुख्यमंत्री होने का गौरव प्राप्त है। हालांकि उन्हें आखिरी चुनाव में हार का सामना भी करना पड़ा था। उन्हें आम आदमी पार्टी के गुरमीत सिंह खुड्डियां ने हराया था।
शिरोमणि अकाली दल के दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निधन से पंजाब की राजनीति का एक बड़ा अध्याय खत्म हो गया है। 95 साल की उम्र तक सियासत में सक्रिय रहने के कारण उन्हें राजनीति का बाबा बोहड़ (दिग्गज) कहा जाता था। उन्होंने 20 साल की उम्र में 1947 में सरपंच का चुनाव जीतकर अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। इसके बाद वह पांच बार पंजाब का सीएम बने।
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पंजाब के अब तक 17 मुख्यमंत्रियों में प्रकाश सिंह बादल को सबसे कम उम्र 43 साल और सबसे ज्यादा 82 साल की उम्र के मुख्यमंत्री होने का गौरव प्राप्त है। 1970 में वह पहली बार और 2012 में आखिरी बार मुख्यमंत्री बने। वह 2017 तक (89 वर्ष की आयु में) राज्य के मुख्यमंत्री बने रहे।
आखिरी बार चप्पड़चिड़ी में प्रकाश सिंह बादल ने ली थी मुख्यमंत्री पद की शपथ
प्रकाश सिंह बादल ने साल 2012 में 84 साल की उम्र में पांचवीं बार मुख्ममंत्री पद की शपथ ली थी। यह शपथ उन्होंने मोहाली के चप्पड़चिड़ी स्थित फतेह मीनार के पास स्थित मैदान में शपथ ली थी। उस समय भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन था।
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इस भव्य समारोह में शिअद, भाजपा और उनके सहयोगी दलों के नेता पहुंचे थे। चप्पड़चिड़ी को दुल्हन की तरह सजाया गया। इस दौरान प्रकाश सिंह बादल लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने 18 विधायकों के साथ शपथ ली थी। देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे, वह भी समारोह में शामिल हुए थे, जबकि नवजोत सिंह सिद्धू भाजपा में थे और कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में बादल की राजनीतिक यात्रा
1970 - 43 साल की उम्र में वे पंजाब के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री चुने गए।
1977 - आपातकाल के दौरान उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। आपातकाल के बाद वे केंद्रीय कृषि और सिंचाई मंत्री बने। बाद में वे दूसरी बार मुख्यमंत्री चुने गए।
1997 - वे तीसरी बार मुख्यमंत्री चुने गए। उन्होंने भाजपा के समर्थन से सरकार बनाई।
2007 - उन्होंने अकाली-भाजपा सरकार का नेतृत्व किया और चौथी बार मुख्यमंत्री बने।
2012 - 84 साल की उम्र में सबसे उम्रदराज मुख्यमंत्री बने। अकाली-भाजपा सरकार का नेतृत्व करते हुए पांचवीं बार मुख्यमंत्री बने।
नहीं जीत सके जीवन का आखिरी चुनाव
साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रकाश सिंह बादल ने लंबी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। मगर आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशी गुरमीत सिंह खुड्डियां ने उन्हें 11,396 मतों से हरा दिया था। जबकि 2017 विधानसभा चुनाव में प्रकाश सिंह बादल ने अपने प्रतिद्वंदी कैप्टन अमरिंदर सिंह को 22,770 मतों से हराया था।
इस सीट से वह 1997 से लगातार पांच बार विधानसभा चुनाव जीत चुके थे। मगर जीवन के आखिरी चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि सबसे अधिक उम्र में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी भी प्रकाश सिंह बादल रह चुके हैं। उन्होंने 94 साल की उम्र में अपना आखिरी चुनाव लड़ा था।