कुदरत का कहर झेल रहे केरल की मदद के लिए सैकड़ों हाथ बढ़ रहे हैं। इन्हीं में एक हैं पैरा इंटरनेशनल ओलंपिक खिलाड़ी दंपति। जिन्होंने एक लाख पंद्रह हजार रुपये की राशि केरल की मदद के लिए दिए हैं। उन्होंने यह रकम टूर्नामेंट जीतकर इकट्ठी की थी। यही नहीं तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले उनके बेटे ने तो अपनी गुल्लक तोड़कर जमा किए पैसे राहत राशि में दिए हैं।
चंडीगढ़ के पैरा टेबल टेनिस प्लेयर्स मुकेश और पूनम रानी की पति पत्नी हैं। बाढ़ से बेहाल केरल का दर्द देख दोनों का दिल पसीज उठा। उन्होंने फौरन अपनी जमा पूंजी केरल की मदद के लिए देने का फैसला लिया। दंपति का बेटा यजत कुमार भवन विद्यालय में तीसरी कक्षा में पढ़ता है। वह जिमनास्टिक प्लेयर बनना चाहता है। सेक्टर सात में वह जिमनास्टिक हॉल में कोचिंग लेता है। उसके कोच केरल के ही हैं। उन्होंने केरल का हाल बयां किया तो दोनों दुखी हो उठे।
तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बेटे ने दी पॉकेट मनी
केरल वासियों के लिए खिलाड़ी दंपति ने जहां अपनी जमापूंजी दी तो बेटे ने गुल्लक तोड़कर पॉकेट मनी थमा दी। मुकेश ने एक बच्चे को बचाने के चक्कर में अपनी एक टांग गंवा दी थी। वर्ष 2003 में भिवानी से दिल्ली टूर्नामेंट खेलने जाने के लिए वह भिवानी स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। तभी रेलवे ट्रैक पर एक बच्चा दिखा। ट्रैक पर ट्रेन आ रही थी। उन्होंने दौड़कर बच्चे को तो बचा लिया मगर अपनी एक टांग गंवा दी।
इस बहादुरी के लिए मुकेश को राष्ट्रपति के हाथों सम्मान भी मिला था। इसी तरह पत्नी पूनम की बचपन में पोलियो से एक टांग खराब हो गई थी। अपनी दिव्यांगता को पीछे छोड़ते हुए दोनों ही इंटरनेशनल पैरा टेबल टेनिस प्लेयर बने। दोनों ही अपनी टूर्नामेंट जीतकर मिलने वाली राशि जमा करते रहे। अब केरल के लिए पूनम ने 60 हजार और मुकेश ने 40 हजार रुपये दिए हैं।
वहीं अपनी गुल्लक तोड़कर बेटे यजत ने भी 15 हजार रुपये दिए। यह रुपये उसे पॉकेटमनी और रिश्तेदारों से शगुन में मिले थे। इस तरह इस परिवार ने कुल एक लाख पंद्रह हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से केरल पीड़ितों को भेजे हैं।