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देश के पहले आयुष विश्वविद्यालय में हुआ पेपर लीक, 174 विद्यार्थी नहीं दे पाए परीक्षा

Fri, 17 Jan 2020 01:55 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र ( हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर।
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देश की पहली आयुष यूनिवर्सिटी में वीरवार को होने वाली बीएएमएस की पूरक परीक्षा का पेपर लीक हो गया। इस वजह से 174 विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाये। इधर इस घटनाक्रम के बाद कुरुक्षेत्र स्थित श्रीकृष्ण आयुष यूनिवर्सिटी प्रशासन में अफरा तफरी मची हुई है। आनन फानन में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पेपर रद करने की घोषणा की है। मामले में कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर एक हफ्ते के भीतर पूरे मामले की रिपोर्ट कुलपति के समक्ष पेश करने को कहा है। पहली बड़ी कार्रवाई परीक्षा भवन की गोपनीय शाखा में तैनात स्टाफ को भी तुरंत प्रभाव ने हटा दिया गया।

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विश्वविद्यालय की ओर से वीरवार को बीएएमएस प्रथम वर्ष में रीअपीयर वाले विद्यार्थियों की पदार्थ विज्ञान विषय पर परीक्षा ली जानी थी, जोकि दोपहर एक बजे से लेकर चार बजे तक आयोजित होनी थी। लेकिन परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाने पर यह पेपर रद्द करना पड़ा।  पेपर शुरु होने से पहले एक छात्र बंद लिफाफे में विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी को सोल्व किया हुआ प्रश्न पत्र सौंप गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से सभी सेंटरों पर परीक्षा रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया।

 विश्वविद्यालय द्वारा रीअपीयर की इस परीक्षा के लिए प्रदेश में पांच सेंटर बनाए गए थे, जिसमें कुल 174 विद्यार्थियों ने परीक्षा देनी थी। कुरुक्षेत्र स्थित विश्वविद्यालय में पेपर लीक होने के कारण सभी सेंटरों से परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होने का नोटिफिकेशन पहुंच गया। वहीं हिसार स्थित नेशनल कॉलेज बरवाला में तो विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए बैठ भी गए थे, लेकिन दस मिनट बाद कॉलेज प्रशासन ने विश्वविद्यालय का नोटिफिकेशन पाते ही परीक्षार्थियों से प्रश्न पत्र वापिस ले लिए। विवि द्वारा यह परीक्षा अब तीन फरवरी को आयोजित की जाएगी। वहीं अन्य सभी परीक्षाएं 31 जनवरी तक अपने निर्धारित शैडयूल के अनुसार ही चलेंगी। 

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 उच्च स्तरीय जांच हो : डॉ. राणा

हरियाणा गवर्मेंट आयुर्वेदिक कॉलेज एसोसिएशन के प्रधान डॉ. अशोक राणा ने कहा कि यह देश के पहले आयुष विश्वविद्यालय में पेपर लीक होने का मामला है। इसलिए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। पेपर लीक होने वाली घटनाओं से बहुत से विद्यार्थियों द्वारा की गई मेहनत खराब हो रही है। इसलिए इस मामले की जांच सिर्फ विवि स्तर पर न करते उच्च स्तर पर की जाए। 

जांच को तीन सदस्यीय कमेटी बनाई : कुलसचिव
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए वरिष्ठ प्रो. डॉ शंभू दयाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह समिति एक सप्ताह में पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी, जिसके बाद दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के अधिनस्थ गोपनीय शाखा में तैनात स्टाफ को तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है और नए स्टाफ की नियुक्ति की गई है। 

निर्धारित शेड्यूल के अनुसार होंगी बाकी की परीक्षाएं
कुलसचिव ने बताया कि 16 से 31 जनवरी तक आयोजित की जा रहीं सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित शेडयूल के तहत होंगी। इस प्रकार के गतिविधियों को विश्वविद्यालय प्रशासन सहन नहीं करेगा तथा दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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