हरियाणा गवर्मेंट आयुर्वेदिक कॉलेज एसोसिएशन के प्रधान डॉ. अशोक राणा ने कहा कि यह देश के पहले आयुष विश्वविद्यालय में पेपर लीक होने का मामला है। इसलिए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। पेपर लीक होने वाली घटनाओं से बहुत से विद्यार्थियों द्वारा की गई मेहनत खराब हो रही है। इसलिए इस मामले की जांच सिर्फ विवि स्तर पर न करते उच्च स्तर पर की जाए।
जांच को तीन सदस्यीय कमेटी बनाई : कुलसचिव
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए वरिष्ठ प्रो. डॉ शंभू दयाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह समिति एक सप्ताह में पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी, जिसके बाद दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के अधिनस्थ गोपनीय शाखा में तैनात स्टाफ को तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है और नए स्टाफ की नियुक्ति की गई है।
निर्धारित शेड्यूल के अनुसार होंगी बाकी की परीक्षाएं
कुलसचिव ने बताया कि 16 से 31 जनवरी तक आयोजित की जा रहीं सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित शेडयूल के तहत होंगी। इस प्रकार के गतिविधियों को विश्वविद्यालय प्रशासन सहन नहीं करेगा तथा दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।