चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी क्लास सी और डी के तहत पिछले दस साल से अधिक समय से काम कर रहे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने की योजना बना रहा है। इसको लेकर पिछले हफ्ते ही रजिस्ट्रार की अध्यक्षता में बैठक की गई थी, जिसमें एसोसिएशन के सदस्य भी शामिल हुए थे। बैठक में पीयू की ओर से वर्ष 2017 में बनाई नियमित पॉलिसी पर हाइकोर्ट की ओर से स्टे लगने के कारणों इत्यादि पर चर्चा की गई। साथ ही आगामी बैठक 4 दिसंबर को रखी गई है।
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पंजाब यूनिवर्सिटी में ग्रुप सी और डी के लगभग 400 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी नियमित होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ये कर्मचारी दस साल से अधिक समय से पीयू में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें कई कर्मचारी ऐसे भी हैं जो पिछले 20 साल से सेवाएं दे रहे हैं और सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में कर्मचारी लंबे समय से इसे समयबद्ध तौर पर पॉलिसी बनाकर नियमित करने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर अब तक कई प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
अब पीयू सकारात्मक तौर पर इस दिशा में काम करने में जुटा है। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नियमित करने से पहले वित्तीय स्थिति को भी ध्यान में रखा जा रहा है। क्योंकि इसका पीयू के बजट पर काफी प्रभाव पड़ेगा। इन कर्मचारियों में चपरासी, माली, सफाईकर्मी आदि शामिल हैं।
प्राथमिकता पर कर्मचारियों की सेवाएं की जाएं नियमित
एसोसिएशन की ओर से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करवाने को लेकर लंबे समय से प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर कई प्रदर्शन और ज्ञापन दिए गए हैं। अब पीयू ने सकारात्मक रुख अपनाया है। हमारी कोशिश है कि प्राथमिकता पर कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करवाई जाएं। -हनी ठाकुर, अध्यक्ष, पीयूएनटीईएफ
पीयू की वित्तीय स्थिति को देखते हुए लेंगे फैसला
पीयू के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने को लेकर बैठकें चल रही हैं। इसको लेकर संस्थान की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा। -प्रो. वाईपी वर्मा, रजिस्ट्रार, पीयू