हेल्थ केयर सेंटर में दूषित माहौल में स्लिमिंग ट्रीटमेंट देने और एक्सपायर्ड प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने पर उपभोक्ता फोरम ने वीएलसीसी हेल्थ केयर लिमिटेड को सेवा में कोताही का दोषी पाया।
उपभोक्ता फोरम ने हेल्थ केयर को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 26 हजार रुपये लौटाने के अलावा सात हजार मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम के अध्यक्ष पीएल आहुजा और सदस्य सुरजीत कौर ने सुनवाई के बाद दिया है।
शिकायतकर्ता रेवा गर्ग निवासी मनीमाजरा ने पॉकेट नंबर एक, मनीमाजरा और नई दिल्ली स्थित वीएलसीसी हेल्थ केयर लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
रेवा गर्ग ने उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में कहा है कि उन्होंने वीएलसीसी हेल्थ केयर में स्लिमिंग प्रोग्राम नवंबर-2013 में ज्वाइन किया। इसके लिए उन्होंने 33 हजार चार सौ रुपये जमा कराए। उन्होंने कहा कि इस सत्र में शिकायतकर्ता ने अनहाइजेनिक स्थिति (दूषित माहौल) देखी।
इस संबंध में शिकायतकर्ता ने सेंटर को अवगत कराया। लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। फरवरी 2014 में अनहाइजेनिक कंडीशन से शिकायतकर्ता ‘हरपीस जोस्टर’ नामक बीमारी से पीड़ित हो गई। इससे ठीक होने के बाद उन्होंने पैसे वापस मांगे लेकिन पैसे नहीं लौटाए।
हेल्थ केयर ने उन्हें ब्यूटी सेक्शन में ट्रांसफर कर दिया। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि ब्यूटी सेक्शन में डिपिगमेंटेशन ट्रीटमेंट के दौरान उन पर एक्सपायर्ड प्रोडक्ट यूज किए गए। हेल्थ केयर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने निराधार अरोप लगाए हैं।
एडमिशन के समय ही शिकायतकर्ता को साफ तौर पर बता दिया था कि स्लिमिंग प्रोग्राम पैकेज के पैसे वापस नहीं होंगे। लेकिन सही ट्रीटमेंट न देने पर उपभोक्ता फोरम ने उनकी यह दलील खारिज कर दी।