फ्लाइट में कंफर्म टिकट होने के बावजूद यात्रा से रोकने और सुविधा न देने पर उपभोक्ता फोरम ने जेट एयरवेज को सेवा में कोताही का दोषी माना है।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने जेट एयरवेज को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये बतौर मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करें।
शिकायतकर्ता विकास जैन सेक्टर-17 ई ने जेट एयवेज (इंडिया) लिमिटेड मुंबई और अटलांटिक ट्रैवल एंड टूर होलीडेस के खिलाफ फोरम में शिकायत की थी।
उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष पीएल आहूजा, सदस्य रजिंदर सिंह गिल और सुरजीत कौर ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया। अटलांटिक ट्रैवल एंड टूर होलीडेस के पक्ष न रखने पर उसे एक्सपर्टी (एकतरफा) करार दिया।
यह है मामला
शिकायतकर्ता विकास जैन ने उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने जेट एयरवेज से चंडीगढ़ से इंदौर वाया दिल्ली की 22 जुलाई 2013 के लिए टिकट बुक कराई थी। लेकिन, अचानक काम पड़ने पर उन्हें एक दिन पहले 21 जुलाई 2013 की टिकट करानी पड़ी। उनका टिकट कंफर्म भी हो गया।
चडीगढ़ एयरपोर्ट पर बोर्डिंग पास भी दे दिया गया। इसके लिए विकास से 5040 रुपये प्रीपॉनिंग के लिए गए। वे समय पर चंडीगढ़ से दिल्ली भी पहुंच गए, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें फ्लाइट में जगह नहीं मिली।
उन्होंने किसी अन्य फ्लाइट में एडजस्ट करने को कहा, लेकिन उन्हें सीट नहीं दी गई। इस कारण उन्हें दो करोड़ 80 लाख का कांट्रैक्ट नहीं मिल सका।