शहर में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जुर्माना राशि की बढ़ोतरी के मामले में केंद्र सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपना पक्ष रख दिया है।
सेक्टर-22 रेजिडेंट वेलफेयर कालोनी द्वारा दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि शहरी निकाय मंत्रालय ने यह मुद्दा संसद में रख दिया है।
उन्होंने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि अगले संसद सत्र में इस एजेंडे पर चर्चा होगी। चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली पर आधारित खंडपीठ ने हलफनामे को रिकार्ड में लेकर मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। आगामी सुनवाई 3 मार्च के लिए निर्धारित की गई है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शहर के बाजारों में अतिक्रमण रोकने के लिए जुर्माना राशि में बढ़ोतरी का सुझाव दिया था। इस पर चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा कि जुर्माना राशि में बढ़ोतरी पर फैसला केंद्र सरकार ही ले सकती है।
लिहाजा, उन्होंने उपयुक्त मंत्रालय के पास इस मामले पर कोई समाधान निकालने के लिए पत्र प्रेषित कर दिया है। पिछली सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के जवाब पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखने के निर्देश जारी किए थे।
सेक्टर-22 की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर यह मामला उठाया है। याचिका में दलील दी गई है कि सेक्टर-22 में रेहड़ी फड़ी वालों का अतिक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
याचिका में कहा गया कि चंडीगढ़ प्रशासन को कोई बार इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई भी समाधान नहीं निकाला गया है।