रहीम रहीम, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
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साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम को सजा के बाद हुई हिंसा मामले में दर्ज 240 एफआईआर में राम रहीम को भी आरोपी बनाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। इसके साथ ही पंचकूला के पुलिस कमिश्नर पर हाईकोर्ट में झूठा हलफनामा देने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की अपील की गई है।
अर्जी दाखिल करते हुए एडवोकेट एमएस जोशी ने हाईकोर्ट को बताया कि पंचकुला के पुलिस कमिश्नर ने हाईकोर्ट में झूठा हलफनामा देकर राम रहीम को बचाने की कोशिश की थी। जोशी ने बताया कि पुलिस कमिश्नर ने हलफनामे में कहा था कि पंचकूला हिंसा में राम रहीम का कोई हाथ नहीं था।
जोशी ने बताया कि पुलिस को दिए गए बयान में सुभाष चंद्र, राकेश कुमार व अन्य ने बताया था कि राम रहीम के इशारे पर ही आदित्य इंसा ने हिंसा की शुरुआत करवाई थी। साथ ही जोशी ने आईजी की मीडिया ब्रीफिंग के बारे में बताया कि आईजी ने कहा था कि सजा के बाद राम रहीम ने गाड़ी से लाल रंग का बैग मंगवाया था।
यह बैग सीधे तौर पर समर्थकों के लिए इशारा था कि अब उन्हें हिंसा आरंभ करनी है। जोशी ने बताया कि कुछ गवाहों के बयान के अनुसार 25 अगस्त को हुई हिंसा की योजना 17 अगस्त की बैठक में बनाई गई थी। जोशी ने अर्जी में कहा कि जब इस हिंसा की पूरी वारदात की योजना बनाने वाला मास्टर माइंड राम रहीम है तो क्यों उसका नाम इन सभी एफआईआर में दर्ज नहीं किया गया।
साथ ही पुलिस कमिश्नर को घेरते हुए जोशी ने कहा कि उन्हें इन सभी बयानों के बारे में जानकारी थी और बावजूद इसके वे राम रहीम को हिंसा मामले में क्लीन चिट देने का प्रयास करते रहे। हाईकोर्ट में इस अर्जी पर मुख्य याचिका के साथ सुनवाई होगी।