शहर में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस आगे आई है। पुलिस बुढ़ापे की लाठी बनकर इन बुजुर्गों की मदद करेगी। इसके लिए वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत 150 घरों पर एक टीम की नजर रहेगी, जो बुजुर्गों की सहायता के लिए तत्पर रहेगी।
कार्यक्रम की शुरुआत पर पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने कहा कि शहर में रहने वाले काफी बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनके बच्चे शहर से बाहर रहते हैं। ऐसे बुजुर्ग खुद को असुरक्षित न समझें।
कार्यक्रम का उद्देश्य बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक एमके लाल, सुभाष सचदेवा, एसएस गिल, डीएन महेश्वरी व सुभाष कपूर ने भी संबोधित किया।
फेसबुक पर होगी बुजुर्गों की डिटेल
सहायक पुलिस आयुक्त (शहर) ममता सौदा को आदेश दिए गए हैं कि जिले के वरिष्ठ नागरिकाें की सूची बनाकर उसे फेसबुक पर दर्ज करें। इससे वरिष्ठ नागरिकों के जन्मदिन एवं शादी की सालगिरह पर उन्हें बधाई संदेश भी दिए जा सकेंगे।
जैकेट पर दर्ज होगा नाम और मोबाइल नंबर
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा में लगाए जवानों के लिए खास जैकेट डिजाइन किए गए हैं। जैकेट पर जवान का नाम, मोबाइल नंबर और सेफ्टी फॉर सीनियर सिटीजन अंकित होगा।
जिले के वरिष्ठ नागरिकों को टीम के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध करवाए जाएं। जिला पुलिस उपायुक्त हामिद अख्तर ने कहा कि बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए फिलहाल 10 पुलिस जवानों की टीम बनाई है।
इसमें चार पुरुष व छह महिला पुलिस अधिकारी हैं। पांच हिस्सों में बांटी गई टीम में दो-दो जवान शामिल हैं। हर टीम के पास 150 ऐसे घर होंगे, जहां वरिष्ठ नागरिक अकेले रहते हैं।