चयनित जेबीटी अपनी ज्वाइनिंग और मेरिट लिस्ट जारी करने की मांग पर दूसरे दिन भी डटे रहे। पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शिक्षा सदन के बाहर पूरे दिन जेबीटी चयनित अध्यापकों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान सात सदस्यों ने मुंडन करवाकर सरकार के रवैये के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जबकि महिला जेबीटी ने भी चेतावनी दी है कि अगर उन्हें जल्द ज्वाइनिंग नहीं दी गई तो वह भी मुंडन करवाएंगी।
मांगे माने जाने तक जारी रहेगा प्रदर्शन
वहीं पात्र अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय तालू ने बताया कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई करते हुए सरकार की ओर से 2013 के एचटेट उत्तीर्ण उम्मीदवारों की सिंगल मेरिट लिस्ट जारी कर डिस्ट्रिक्ट अलॉट नहीं किए जाते हैं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि महिलाओं ने भी इस पर विरोध दर्ज कराते हुए चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
मोबाइल टावर उतारा
एक दिन पहले भिवानी का एक चयनित शिक्षा सदन के बाहर जेबीटी मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। इसे ढाई घंटे की मशक्कत के बाद नीचे उतारा गया। वीरवार को भी पूरे दिन प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा, लेकिन प्रधान का कहना है कि इस बारे में सरकार की ओर से बातचीत की दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। वहीं बुधवार को हुई घटना के बाद हरकत में पुलिस और प्रशासन के आने के बाद वहां इंस्टॉल मोबाइल टावर ही नीेचे कर दिया गया। इससे आसपास के इलाकों में सिग्नल की लेकर भी परेशानी पेश आने लगी।
बच्चों के साथ पहुंची महिला जेबीटी, एक बेहोश हुई
चयनित जेबीटी ने की नारेबाजी
600 से अधिक चयनित जेबीटी दर्ज करा रहे हैं विरोध
2011 और 2013 के एचटेट पास, चयनित जेबीटी के लिए एक मेरिट लिस्ट जारी करने और जल्द ज्वाइनिंग की मांग पर अड़े हैं। सदस्यों का कहना है कि मेरिट में अच्छा स्थान हासिल करने के बाद भी ज्वाइनिंग का मौका देने में आनाकानी की जा रही है। इससे उनमें रोष बढ़ता जा रहा है।
बच्चों के साथ पहुंची महिला जेबीटी, एक बेहोश हुई
तेज धूप होने के कारण प्रदर्शन कर रही एक महिला जेबीटी मंजू बेहोश हो गईं, जिसे तुरंत पानी पिलाया गया, लेकिन होश में आते ही मंजू ने फिर नौकरी देने और मेरिट लिस्ट जल्द जारी करने की मांग शुरू कर दी। रोष जताते हुए महिला ने कहा कि इस परीक्षा के लिए कई बार ऐसे हालात भी बने, जब ससुराल में झूठ बोलकर भी पढ़ाई के लिए वक्त निकाला। कभी चंडीगढ़ तक पहुंचने के लिए लिफ्ट का सहारा लेना पड़ा, लेकिन 2013 के एचटेट पास चयनित जेबीटी को नियुक्ति देने में सरकार के ढुलमुल रवैये से सभी बेहद निराश हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मांगी गई तो विरोध प्रदर्शन भी खत्म नहीं होगा। इस दौरान उनके साथ कुछ बच्चे भी थे।
सीएम के गांव के युवक ने भी लगाई गुहार
मुख्यमंत्री के पैतृक गांव से आए एक चयनित जेबीटी ने कहा कि मेरा पूरा परिवार सीएम का पूरा सम्मान करता है। जेबीटी के लिए चयनित उम्मीदवारों में शामिल होने के बाद भी सैकड़ों ऐसे युवाओं की परेशानी इस कदर बढ़ गई है, अब वह कुछ भी करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। पूरा परिवार एक व्यक्ति के भरोसे है, लेकिन नौकरी न मिलने की वजह से पूरा परिवार परेशानियों के दौर से गुजर रहा है।