विजिलेंस ब्यूरो ने पंचकूला औद्योगिक प्लॉट आवंटन मामले में तफ्तीश शुरू कर दी है। जिसमें हुड्डा समेत कई अफसरों की मुश्किलें बढ़ेंगी। मामले में तथ्य जुटाने का काम सोमवार से चालू हो जाएगा। जब तक विजिलेंस के पास जांच सीबीआई को सौंपे जाने का पत्र नहीं आता, तब तक विजिलेंस अपने स्तर पर मामले में साक्ष्य जुटाता रहेगा।
इस प्रक्रिया में साक्ष्य जुटाने के बाद संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए भी बुलाया जा सकता है। हालांकि भाजपा सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ सीबीआई जांच की अनुमति प्रदान कर दी है, लेकिन हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो को अभी तक मामले की अधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस ने एफआईआर की कॉपी मुख्य सचिव के पास भेज दी है। अब मुख्य सचिव के माध्यम से सरकार यह कागजात सीबीआई को भेजेगी। यह सीबीआई तय करेगी कि जांच लेने में उसे कितना समय लगेगा। यह कार्रवाई एक दिन में भी हो सकती है और पंद्रह दिन का समय भी लग सकता है।
मालूम हो कि विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और तीन अधिकारियों समेत 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद इसकी प्रति सरकार के पास भिजवा दी है। सरकारी स्तर पर अब केस को सीबीआई के हवाले करने की औपचारिकता पूरी की जाएगी।
सीबीआई जांच के संदर्भ में विजिलेंस के पास कोई चिट्ठी नहीं आई है। जब तक चिट्ठी नहीं आती तब तक विजिलेंस ही इस मामले में तफ्तीश करेगी।
- बीके सिन्हा, एडीजीपी विजिलेंस