जनरल अस्पताल की नई बिल्डिंग के सी ब्लॉक में मरीजों को शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन अब तक बिजली सप्लाई के लिए हाइटेंशन लाइन तक नहीं डाली गई है। कई ओपीडी शिफ्ट होने के बावजूद पुरानी बिल्डिंग की लाइन से ही बिजली की सप्लाई दी जा रही है, जिससे ओवरलोड होने के कारण हमेशा स्पार्किंग और तारों में आग लगने का खतरा बना रहता है।
इसी गर्मी में चंडीगढ़ सेक्टर-17 में भीषण अग्निकांड भी हुआ था। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने सबक नहीं लिया। एक स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि ओवरलोडिंग की वजह से कई बार स्पार्किंग हो चुकी है। इससे अस्पताल प्रबंधन भी चिंतित है और हाइटेंशन लाइन डालने के लिए बीएंडआर के इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट से बातचीत भी की है।
ऐसे हैं हालात
जनरल अस्पताल में रोजाना ढाई से तीन हजार लोग पहुंचते हैं। पुरानी बिल्डिंग में तीन मंजिलों और नई बिल्डिंग के सी ब्लॉक के चार मंजिलों पर एक ही जगह से बिजली की सप्लाई दी जा रही है। इसके अलावा दोनों लिफ्ट भी चलाई जा रही हैं।
इसके अलावा नई बिल्डिंग में कुछ टेस्ट मशीनें भी बढ़ाई गई हैं, जिससे बिजली का लोड बढ़ता जा रहा है। सी ब्लॉक में ही तीन नई मशीनों (फुली ऑटोमेटिक बायोकेमेस्ट्री एनेलाइजर, एमईएसएस टू, फुली ऑटोमेटिक सेल काउंटर मशीन) के अलावा कई नई छोटी मशीनें भी बिजली से संचालित होने वाली हैं।
इसके अलावा लैब में दो एसी, चार-पांच फ्रिज हैं। एक लैब कर्मी ने बताया कि बिजली के ओवरलोड होने की वजह कई बार मशीनें बंद भी हो जाती हैं। गनीमत है कि ये मशीनें ऑटोमेटिक नहीं हैं, वरना वोल्टेज अप-डाउन की वजह से लाखों मशीनें खराब हो जातीं।
फुली एसी बिल्डिंग सिर्फ नाम का
नई बिल्डिंग को फुली एसी बनाया गया है। इसके लिए सिलर प्लांट भी बनाया गया है। सिलर प्लांट से सप्लाई शुरू होते ही नई बिल्डिंग में सभी एसी एक साथ चलने लगेंगे, लेकिन अभी मरीजों को एसी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। यह प्लांट कब तक काम करना शुरू करेगा, इस पर भी अस्पताल प्रबंधन का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।
6 जून को एस्टिमेट पास हुआ था। बिजली की सप्लाई के लिए खंभे भी लगाए जा रहे हैं। एक से डेढ़ सप्ताह में हाइटेंशन लाइन डाल दी जाएगी।
- एसके गेरा, एसडीओ, इलेक्ट्रिक डिपार्टमेंट बीएंडआर
बी एंड आर इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट से हाइटेंशन लाइन के लिए बातचीत हुई है। एक दो सप्ताह के अंदर काम पूरा हो जाएगा। ओवरलोड के वजह से ही कई जगह एसी और कूलर को बंद किया गया है।
- डा. ऊषा गुप्ता, पीएमओ, जनरल अस्पताल