पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि पंचायत, जिला परिषद व ब्लाक समिति चुनाव के लिए उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता की कोई शर्त नहीं हैं। जब कहीं भी विधायक बनने के लिए कोई शैक्षणिक योग्यता के मापदंड तय नहीं है तो ऐसे में ग्राम पंचायत के चुनाव लड़ने के लिए सरपंच की शैक्षणिक योग्यता तय करना तार्किक नहीं है। वह रविवार को सुल्तानपुर लोधी में संत बलबीर सिंह सीचेवाल की निर्मल कुटिया में पवित्र काली बेईं की कारसेवा की 18वीं वर्षगांठ को लेकर आयोजित समारोह में बतौर अतिथि पहुंचे थे।
पंचायत मंत्री बाजवा ने कहा कि सबसे निचले स्तर के चुनाव में इस तरह की शर्त को लागू का कोई औचित्य नजर नहीं आता है। इसलिए सूबे में पंचायत चुनाव में उम्मीदवारी के लिए इस तरह की किसी भी शर्त का अनुपालन नहीं होगा। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के 1984 के बयान पर कटाक्ष करते हुए बाजवा ने कहा कि गृह मंत्री को गुजरात दंगों को भी नहीं भूलना चाहिए।
सूबे में नशे के मुद्दे पर सरकार के रुख पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशे के मुद्दे पर पूरी तरह से सख्ती के मूड में है। नशे के नाश के लिए सख्त एक्शन प्लान की तैयारी कर रही है। जबकि पहले से ही सूबे में नशे को लेकर जीरो टोलरेंस पॉलिसी पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नशे के खात्मे के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक्शन प्लान बनाने के लिए 24 जुलाई को सूबे के सभी जिलों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक बुलाई है।