पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों के परिवारों के सदस्यों ने वोटों के लिए पूरा जोर लगाया हुआ है। कहीं पत्नी अपने पति, बेटा अपनी मां तो कहीं ससुर अपनी पुत्र वधू के लिए वोट मांगते नजर आते हैं।
गांवों की गलियां चुनाव प्रचार से पटने लगी हैं। बैनर और पोस्टर लगने लगे हैं। महिलाएं भी चुनाव प्रचार में जुट गई हैं।
गांव किशनगढ़ में सरपंच पद के लिए मुकाबला रोचक होगा। यहां की सीट महिला सामान्य के लिए सुरक्षित है। यहां से दो उम्मीदवार ही मैदान में हैं।
यहां वर्तमान सरपंच देवेंद्र लुवाणा की पत्नी गुरविंदर कौर और जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन भजन सिंह माडू की पत्नी मान कौर के बीच मुकाबला है।
दोनों ही पक्ष अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। लुवाणा पेशे से एडवोकेट हैं और ग्रामीण कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी है। भजन सिंह माडू भी भाजपा के ग्रामीण जिला अध्यक्ष हैं।
उनका कहना है कि जिला परिषद के चेयरमैन रहते हुए उन्होंने गांव के लिए काफी काम करवाएं है लुवाणा के पिता और ताऊ भी गांव के सरपंच रह चुके हैं। वे उनके द्वारा कराए गए कामों को गिना रहे हैं।
बहलाना भी महिला सामान्य के लिए सुरक्षित है। यहां पर पूर्व सरपंच मोहिंदर कौर और वर्तमान सरपंच मोहिंदर सिंह की बहु सुशील कौर के बीच कड़ा मुकाबला है।
मोहिंदर कौर के बेटे जीत सिंह और जिला परिषद के सदस्य दर्शन सिंह बताते हैं कि वे मां को हर हाल में जीत दिलाएंगे। मोहिंदर सिंह का कहना है कि उनके काम के बल पर बहु की जीत होगी।
ग्राम पंचायत का चुनाव जोर पकड़ने लगा है। शनिवार को चुनाव निशान मिलने के साथ ही लोग अपने अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार में जुट गए।