फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचायत उपचुनाव : 16 में से सात गांवों में नहीं आया सरपंच पद के लिए कोई नामांकन

विज्ञापन
विज्ञापन
-नौ गांवों में होंगे नौ जुलाई को सरपंच पद के लिए चुनाव
विज्ञापन

-पंचायत समितियों में चार में से एक में हुई सर्वसम्मति
-1962 में से 1450 पंचायत सदस्यों का हुआ सर्वसम्मति से चयन

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आगामी नौ जुलाई को होने वाले पंचायत उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र वापस लिए जाने की तिथि के बाद सात ऐसे गांव हैं, जहां एक भी उम्मीदवार ने सरपंच पद के लिए नामांकन पत्र नहीं भरा। इसके अलावा पंचायत समितियों के पांच में से एक में सर्वसम्मति से चुनाव हो गया है। वहीं पंचायत सदस्यों में 1962 में से 1450 का सर्वसम्मति से चयन हो गया है। नौ जुलाई को 140 पंचायत सदस्यों के लिए मतदान होगा। निर्वाचन आयोग में सचिव डा. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि चुनाव को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं।
हरियाणा निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के 11 जिलों के 16 गांवों में सरपंच पद के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी की गई थी। फतेहाबाद के गांव काटाखेडी, हिसार के गांव इशरहेड़ी, जींद के गांव फरेखुर्द, करनाल के गांव हथलाना, पंचकूला के गांव सबीरपुर व मीरपुर में नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि तक सरपंच पद के लिए कोई आवेदन नहीं आया। अब भिवानी के गांव सिकंदरपुर, करनाल के गांव गोबिंदगढ़, कुरुक्षेत्र के गांव जंधेरड़ी, महेंद्रगढ़ के गांव सलीमपुर, खेड़मा व खटोदरा, पंचकूला के गांव हंगोला, रेवाड़ी के गांव कनहोडी, नूंह के गांव लहरबाड़ी व यमुनानगर के गांव गुंदियानी में ही नौ जुलाई को सरपंच पद के लिए मतदान होंगे। इसके अलावा कैथल के ढांड पंचायत समिति में सर्वसम्मति के बाद चरखी दादरी के बाढडा के वार्ड एक, हिसार के नारनौंद में वार्ड चार व यमुनानगर में सरस्वती नगर के वार्ड दस में पंचायत समिति के लिए मतदान होगा। साथ ही जिला परिषद में फरीदाबाद के वार्ड दो व हिसार के वार्ड एक में नौ जुलाई को चुनाव होगा। प्रदेश भर में रिक्त पंचायत सदस्यों यानि पंच के 1962 पदों में से 1450 पदों के लिए ही चुनाव होगा। शेष पदों के लिए सर्वसम्मति से चुनाव हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
बिना जनसंख्या के कर दिया आरक्षण, अब नहीं मिल रहे उम्मीदवार

चुनाव को लेकर जानकारी मिली है कि जिन सात गांवों में एक भी नामांकन पत्र नहीं आया है। उन गांवों में एक या दो को छोड़कर बड़ा कारण यही है कि इन गांवों में जिस जाति के सरपंच पद के लिए आरक्षण किया गया है, उस जाति से संबंधित जनसंख्या या मतदाता संबंधित गांव में नहीं है। यही कारण था कि नवंबर में हुए आम चुनाव में भी इन गांवों में कोई उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर पाया था। अब उपचुनाव में भी इन गांवों में कोई उम्मीदवार सामने नहीं आया। जानकारों का मानना है कि इन गांवों में पंचायत विभाग को जनसंख्या के हिसाब से फिर से आरक्षण का ड्रा करना होगा। या फिर सरकार कोई अन्य फैसला ले, तभी इन गांवों में सरपंच पद के लिए चुनाव होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें