पूछताछ में उसने अभी अपना नाम अली मुर्तजा असगर बताया है। हालांकि पुलिस उसके असली नाम को लेकर भी जांच कर रही है। उससे मिले सामान से तीन मोबाइल सिम भी जब्त किए गए।
किसके नाम पर ये सिम जारी हुए थे इसकी भी पुलिस जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि सिम से किसी को कॉल की गई है। भारत का वीजा न होने की वजह से पुलिस ने उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
गुजरात व हैदराबाद में भी हुई पूछताछ
सीआईए आरोपी असगर को अभी गुजरात लेकर गई हुई है। अंबाला से पहले वह गुजरात के कई शहरों के साथ हैदराबाद में भी रहा है। पूछताछ के लिए पुलिस ने आरोपी को दस दिन के रिमांड पर लिया था।
अभी पुलिस के पास पूछताछ के लिए तीन दिन बचे हैं। पता चला है कि जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के खिलाफ कुछ सबूत मिले हैं। मगर इन सबूतों के आधार पर अभी पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ही मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
कुछ शहरों का मिला था वीजा : एसपी
एसपी अभिषेक जोरवाल ने बताया कि पकड़ा गया पाक नागरिक अली मुर्तजा घोरा वर्ग से ताल्लुक रखता है। यह वर्ग पीर पैंगबंरों को मानता है। माथा टेकने के लिए वह भारत आया था। इसके लिए उसे उन्हें शहरों का वीजा मिला था, जहां उसे माथा टेकना था। मगर बिना इजाजत के वह अंबाला आ गया। इससे पहले वह हैदराबाद में भी रहा।
शुरुआती जांच में उसके पास से तीन मोबाइल सिम भी मिले हैं। जांच में पता चला कि ये सिम उसके नाम पर नहीं हैं। इसी वजह से उसकी नीयत पर शक हुआ। पाक जासूस होने के शक में ही उससे गुजरात व हैदराबाद में पूछताछ हो रही है। जांच के बाद ही यह बात क्लीयर हो पाएगी कि वह आईएसआई का एजेंट है या नहीं।