अपने साले के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए 23 फरवरी को अपनी पत्नी के साथ हिंदुस्तान आए अजर अब्बास ने बताया कि उनकी वापसी का टिकट 19 अप्रैल का था। लॉकडाउन के कारण वह अपने ससुराल भोपाल में फंस गए थे। उन्होंने मजाक में कहा कि छह महीने अपनी पत्नी के साथ ससुराल में बिताना उनके लिए किसी तारीख से कम नहीं रहा।
दोनों देशों के बीच सदियों पुराने संबंध हैं। एक-दूसरे के यहां आने से एक सुकून मिलता है। यह कह कर अजर अब्बास की आंखें छलक गई। उन्होंने कहा इंशा अल्लाह! वह दिन जल्द आएगा जब समझौता एक्सप्रेस व अन्य साधन खुल जाएंगे। उनकी पत्नी अपने मायके आती-जाती रहती है, वह कई साल बाद आए थे। दोनों देशों के बीच मोहब्बत व भाईचारा स्थापित रहना चाहिए, यही दुआ कर लौट रहा हूं। दोनों देशों के लोगों के बीच बहुत प्यार है।
शवि फातिमा ने बताया कि मायके को छोड़ने का गम तो है, लेकिन अपने घर जाने और बच्चों से मिलने की उत्सुकता रोमांचित कर रही है। कराची की रहने वाली जहांगीर ने बताया कि वह साढ़े तीन वर्ष के बाद अपने मायके अपना भारतीय पासपोर्ट रिन्यू करवाने आई थी। अब छह माह बाद घर लौट रही हैं।