फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Military Literature Festival: पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने वाली रेजिमेंट को टैंक का इनाम, बढ़ा रहा सेना की शान

Mon, 05 Dec 2022 01:18 AM IST
ajay kumar विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अमेरिका के दो हजार मीटर की दूरी तक की क्षमता वाले सैकड़ों टैंक के सामने भारत के 1200 मीटर की क्षमता वाले कम टैंक होने के बावजूद सेना ने गुरिल्ला नीति अपना गन्ने के खेतों में जाकर खुद को छिपा लिया और दुश्मन टैंकों के पास आने का इंतजार किया। इस प्रकार भारत ने पाकिस्तान के 97 टैंक ध्वस्त कर दिए। 
विज्ञापन
Military literature festival 2022 - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान टैंकों की सबसे बड़ी आसल उताड़ (तरनतारन) की लड़ाई में दुश्मनों के सैकड़ों टैंकों को ध्वस्त कर पाकिस्तानियों को टैंक छोड़कर भागने पर मजबूर करने वाली 3 कैवेलरी रेजिमेंट को भारत सरकार ने इनाम में पाकिस्तानी टैंक दिया था। पूरी तरह से सलामत और पूरी तरह से दुरुस्त यह टैंक आज भी इस रेजिमेंट व भारतीय सेना की शान बढ़ा रहा है।

विज्ञापन


आजादी के बाद भारत की स्वतंत्रता को बनाए रखने में भारतीय सेना ने जो भूमिका निभाई उसे जानने के लिए मेजर जनरल (रिटायर्ड) कुलप्रीत सिंह से अमर उजाला ने विशेष बातचीत की। मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान रविवार को कुलप्रीत सिंह ने 1965 के युद्ध में टैंकों की सबसे बड़ी आसल उताड़ की लड़ाई के बारे में बताया। अमेरिका से मिले सैकड़ों टैंक और हजारों की सेना के साथ पाकिस्तान ने तरनतारन में प्रवेश करत पांच किलोमीटर अंदर आकर खेमकरण पर कब्जा कर लिया। योजना यहां से तरनतारन होते हुए अमृतसर पर कब्जे की थी और इसके बाद दिल्ली को लक्ष्य रखा गया था। 

इस दौरान 3 कैवेलरी रेजिमेंट के जवानों के पास कुछ ही टैंक थे। अमेरिका के दो हजार मीटर की दूरी तक की क्षमता वाले सैकड़ों टैंक के सामने भारत के 1200 मीटर की क्षमता वाले कम टैंक होने के बावजूद सेना ने गुरिल्ला नीति अपना गन्ने के खेतों में जाकर खुद को छिपा लिया और दुश्मन टैंकों के पास आने का इंतजार किया। इस प्रकार भारत ने पाकिस्तान के 97 टैंक ध्वस्त कर दिए। 
विज्ञापन


पाकिस्तान का हौसला टूटा और ज्यादातर सैनिक टैंक छोड़कर भाग खड़े हुए। रेजिमेंट की इस बहादुरी को सलाम करते हुए भारत सरकार ने पाकिस्तान का एक टैंक इस रेजिमेंट को इनाम में दे दिया। देश में इस रेजिमेंट को छोड़कर किसी अन्य के पास खुद का टैंक नहीं है। पूरी तरह से दुरुस्त यह टैंक रेजिमेंट के साथ-साथ भारत की शौर्य गाथा गा रहा है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें