दूसरी ओर पाकिस्तान में कॉरिडोर की तैयारियों में जो तेजी दिखाई दे रही है, उससे यही प्रतीत हो रहा है कि कॉरिडोर खुलने की भारत को नहीं बल्कि पाकिस्तान को ज्यादा जल्दी है। पाक सरकार ने सड़क का निर्माण शुरू करने के साथ ही कॉरिडोर के रास्ते पाक पहुंचने वाले सिख श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था संबंधी रूपरेखा भी तैयार कर ली है। पाक सरकार की फेडरल इंवेस्टीगेशन एजेंसी ने 14 प्वाइंट की एक रूपरेखा तैयार कर सरकार को सौंपी है, जिसे पाक सरकार द्वारा भारत को भेज दिया गया है। आश्चर्यजनक बात है कि भारत सरकार ने अभी पाक द्वारा भेजी गई रूपरेखा का कोई जवाब नहीं दिया है। अब पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर मोहम्मद सरवर के पीआरओ के रूप में ननकाना साहिब में जिला सूचना अधिकारी रहे पवन सिंह अरोड़ा को तैनात किया है, ताकि पाक पहुंचने वाले सिख श्रद्धालुओं को उनकी जरूरत के हिसाब से जानकारी मुहैया कराई जा सके।
भारत में मची है कॉरिडोर का श्रेय लेने की होड़
कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाक दौरे के बाद पाकिस्तान सरकार द्वारा करतारपुर कॉरिडोर खोलने की सहमति दिए जाने के बाद से भारत में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई है। पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरदिंर सिंह इसका श्रेय अपने पूर्वजों के प्रयासों को दे रहे हैं तो अकाली दल अपने नेताओं द्वारा बार-बार यह मामला उठाए जाने को लेकर पीठ थपथपा रहा है। उधर, भाजपा कॉरिडोर खुलने का सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देने में ताकत झोंक रही है। स्वयं नरेंद्र मोदी भी खुद को सिखों का हितैषी बताते हुए कॉरिडोर खोलने का श्रेय ले रहे हैं।