तस्करों ने सतलुज दरिया के बजाय चुना रावी दरिया का रास्ता
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पिछले दो माह के भीतर पाक तस्करों ने हुसैनीवाला बॉर्डर (फिरोजपुर बीएसएफ सेक्टर) की तरफ बह रही सतलुज दरिया (सात बार पाक में प्रवेश कर भारत में आती है) के रास्ते हेरोइन भेजी। लेकिन हर बार बीएसएफ ने हेरोइन बरामद की।
अपनी नाकामी देख तस्करों ने इस बार बटाला की तरफ सरहद के साथ बह रही रावी दरिया (भारत-पाक में प्रवेश करती है) के रास्ते हेरोइन की बड़ी खेप भेजी। इस बार भी पाक तस्करों की चाल को बीएसएफ ने नाकाम कर दिया।
पंजाब में नशे से मर रहे नौजवानों की बढ़ती संख्या के बाद से बीएसएफ ने सरहद पर चौकसी बढ़ाई है, ताकि हेरोइन की खेप रोकी जा सके। बीएसएफ के सूत्रों के मुताबिक, फिरोजपुर बीएसएफ सेक्टर से सटी भारत-पाक सीमा पर बीएसएफ के जवानों की चौकसी बढ़ाई गई है।
पाक तस्कर हमेशा बड़ी खेप के लिए दरिया का रास्ता ही चुनते हैं
बीएसएफ की बीओपी साम्मेके के पास से सतलुज दरिया पाक से होकर भारत में प्रवेश करती है, इस रास्ते जितनी बार पाक तस्करों ने हेरोइन की खेप भेजी है, उसे बीएसएफ ने पकड़ा। सीआईए स्टाफ ने दो दिन पहले एक किलो हेरोइन पकड़ी थी, तस्कर ने पूछताछ के दौरान बताया था कि लकड़ी से बांधकर पाक तस्करों ने सतलुज दरिया के रास्ते यह खेप भेजी थी।
इसी तरह बीओपी साम्मके के पास से 11 किलो, पांच किलो व तीन किलो हेरोइन पकड़ी थी। इसके अलावा करीब दो दिन पहले सरकंडों के बीच रखे तीन कैन में से आठ किलो 120 ग्राम हेरोइन बीओपी साम्मेके के पास से पकड़ी थी। उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले एक तस्कर पाक से सतलुज दरिया के रास्ते से करीब 16 किलो हेरोइन व हथियार लेकर आया था, जिसे बीएसएफ ने दरिया के बीच में ही दबोच लिया था।
जानकारों का कहना है कि फिरोजपुर सेक्टर से सटे बॉर्डर पर बीएसएफ की चौकसी के चलते पाक तस्करों ने बटाला से सटी भारत-पाक सीमा की तरफ बहने वाली रावी दरिया का रास्ता चुना। क्योंकि फिरोजपुर सेक्टर से पाक तस्करों को सफलता नहीं मिल रही थी। पाक तस्कर हमेशा बड़ी खेप के लिए दरिया का रास्ता ही चुनते हैं।