जालंधर के मकसूदां थाने में भी कश्मीरी आतंकियों ने ही हमला किया था। पाकिस्तान की तरफ से पिछले साल 10 बार ड्रोन के जरिये हथियारों को पंजाब भेजा गया था। मामले की जांच एनआईए कर रही है। तरनतारन के चोहला साहिब से खालिस्तानी समर्थक 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये आतंकी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स से निकले और इनको पाकिस्तान और जर्मनी के आतंकवादी संगठनों ने मदद की थी।
इनके पास से 5 एके-47 और 16 मैगजीन, 4 पिस्टल, 8 मैगजीन, 9 हैंड ग्रनेड, 5 सैटेलाइट फोन और 10 लाख के जाली भारतीय नोट मिले थे। जिसे ड्रोन के जरिए भेजा गया था। लखनपुर में पकड़ी चार एके-47 भी पंजाब बार्डर से ही क्रास करवाई गई थी, जिसे आगे जम्मू-कश्मीर भेजा जा रहा था। हालिया घटनाक्रम में 11 जून को गुप्त रूप से किए गए बड़े ऑपरेशन के तहत पंजाब पुलिस ने श्रीनगर के शोपियां के गांव हफसारमाल के मूल बाशिंदे आमिर हुसैन वानी और इसी जिले के गांव शरमाल के रहने वाले वसीम हसल वानी को हिरासत में लिया था।
पंजाब पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान से अमृतसर बॉर्डर पर हुई। हथियार कश्मीर घाटी ले जाने थे। आतंकियों से पूछताछ में सामने आया था कि जम्मू कश्मीर पुलिस के पूर्व कांस्टेबल इश्फाक अहमद डार बशीर अहमद खान ने पठानकोट में गिरफ्तार आरोपियों को पंजाब से इन हथियारों की खेप ले जाने के लिए कहा था।