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अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भेजे गए भारत में फंसे 179 पाकिस्तानी, सभी ने कराई डॉक्टरी जांच

Wed, 27 May 2020 02:59 PM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अटारी सीमा(अमृतसर)
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वतन लौटते पाकिस्तानी - फोटो : एएनआई
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लॉकडाउन से पहले भारत पहुंचे 179 पाकिस्तानी अंतरराष्ट्रीय अटारी सड़क सीमा के रास्ते अपने वतन लौट गए। भारत सरकार ने लॉकडाउन के कारण मार्च के अंतिम सप्ताह में अटारी सड़क सीमा पर स्थित गेट बंद कर दिए थे। पाकिस्तानियों को उनके घर भेजने के लिए यह गेट विशेष रूप से खोले गए। इससे पहले 234 पाकिस्तानी लॉकडाउन के दौरान अटारी सड़क सीमा से पाक भेजे जा चुके हैं।

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पाकिस्तान रवाना होने से पहले अमर उजाला से बातचीत में पाकिस्तानियों ने भारत सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि घर जाने की खुशी तो है। लेकिन गम भी है कि वह भारत को छोड़कर जा रहे हैं। यहां पर उनका पूरा ख्याल रखा गया है किसी तरह की कोई दिक्कत परेशानी नहीं पेश आई। अब उन्हें इस बात की चिंता सता रही है की लाहौर में होने वाले कोरोना टेस्ट में उनकी रिपोर्ट कहीं पॉजिटिव न आ जाए। यदि उन्हें लाहौर में 14 दिन क्वारंटीन सेंटर में रहना पड़ा तो यह उनके लिए बड़ी मुसीबत होगी।


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उनके पाकिस्तान भेजने से पहले भी टेस्ट हुए हैं, अटारी में भी उनकी डॉक्टरी जांच हुई है। पाकिस्तान जा रहे कराची निवासी सैयद सरवर हुसैन ने कहा कि 19 फरवरी को भारत आए थे। मार्च में लौटना था लेकिन महामारी के कारण वह इंदौर में रहने वाले अपने रिश्तेदारों के यहां फंस गए। धार्मिक यात्रा के लिए भारत आए पाकिस्तानी नागरिक महेश कुमार ने कहा कि तीन महीने से अधिक समय तक वह इंदौर में अपने रिश्तेदारों के यहां रहे हैं।

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बेटी के घर बिताए चार महीने ताउम्र रहेंगे याद: बानो  

मेरठ में अपनी बेटी से मिलने आईं एक वृद्ध महिला बानो के अनुसार वह चार महीने से बेटी के घर पर थी। उन्हें पाकिस्तान जाने की खुशी तो है लेकिन पहली बार चार महीने तक बेटी के परिवार के साथ बीते पल ताउम्र याद रहेंगे। बानो को अटारी सीमा पर छोड़ने आईं उनकी दोहती समीरा ने बताया की नानी वापस वतन लौट रही हैं।

इस बात की खुशी है कि पाकिस्तान में रिश्तेदार नानी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन चार महीने तक नानी के साथ बिताए पल सदा याद रहेंगे। इससे पूर्व पाकिस्तान सरकार के विशेष अनुरोध पर छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली सहित विभिन्न भारतीय राज्यों में फंसे पाकिस्तानी अटारी सीमा पर पहुंचे थे।    

पाकिस्तान में फंसे 300 भारतीय यात्री कब घर लौटेंगे    
कोरोना वायरस के कारण बंद अटारी सीमा के बावजूद भारत सरकार ने अभी तक 400 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को उनके वतन भेजकर एक मिसाल पेश की है। जबकि पाकिस्तान में फंसे 300 से अधिक भारतीयों को अब भी वतन लौटने का इंतजार है। लाहौर में फंसे अपने माता-पिता के घर लौटने का इंतजार कर रहे अमृतसर निवासी कमल जीत सिंह ने कहा कि पाकिस्तान सरकार भी उदारता का परिचय दे, ताकि उनके माता-पिता घर लौट आएं। दो महीने से अधिक का समय बीत गया है। इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद उन्हें जानकारी नहीं है कि माता-पिता घर कब लौंटगे।
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