मेरठ में अपनी बेटी से मिलने आईं एक वृद्ध महिला बानो के अनुसार वह चार महीने से बेटी के घर पर थी। उन्हें पाकिस्तान जाने की खुशी तो है लेकिन पहली बार चार महीने तक बेटी के परिवार के साथ बीते पल ताउम्र याद रहेंगे। बानो को अटारी सीमा पर छोड़ने आईं उनकी दोहती समीरा ने बताया की नानी वापस वतन लौट रही हैं।
इस बात की खुशी है कि पाकिस्तान में रिश्तेदार नानी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन चार महीने तक नानी के साथ बिताए पल सदा याद रहेंगे। इससे पूर्व पाकिस्तान सरकार के विशेष अनुरोध पर छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली सहित विभिन्न भारतीय राज्यों में फंसे पाकिस्तानी अटारी सीमा पर पहुंचे थे।
पाकिस्तान में फंसे 300 भारतीय यात्री कब घर लौटेंगे
कोरोना वायरस के कारण बंद अटारी सीमा के बावजूद भारत सरकार ने अभी तक 400 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को उनके वतन भेजकर एक मिसाल पेश की है। जबकि पाकिस्तान में फंसे 300 से अधिक भारतीयों को अब भी वतन लौटने का इंतजार है। लाहौर में फंसे अपने माता-पिता के घर लौटने का इंतजार कर रहे अमृतसर निवासी कमल जीत सिंह ने कहा कि पाकिस्तान सरकार भी उदारता का परिचय दे, ताकि उनके माता-पिता घर लौट आएं। दो महीने से अधिक का समय बीत गया है। इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद उन्हें जानकारी नहीं है कि माता-पिता घर कब लौंटगे।