पाकिस्तान की 'नापाक' हरकत से कभी बाज नहीं आए, अब वह सिख जत्थे के साथ कैदियों जैसा बर्ताव कर रहा है। उन्हें वहां कैद करके रखा गया है। वहां सिख संगत को दिन में तीन बार हाजिरी लगानी पड़ती है। श्री ननकाना साहिब व अन्य गुरुद्वारों के बाहर पाकिस्तान की हुकूमत ने पहरा लगा रखा था। किसी को भी गुरुद्वारे से बाहर आने-जाने नहीं दिया गया। सुबह, दोपहर, शाम के वक्त जेल के कैदियों की तरह हाजिरी लगाई गई।
सिख संगत की वीडियोग्राफी की जाती रही। कई श्रद्धालुओं के सामानों की तलाशी भी ली गई। वतन लौटते समय लाहौर रेलवे स्टेशन पर कुछ संगत के कैमरों से फोटो डिलीट कर दिए गए। मोबाइल चेक किए गए। श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर श्री ननकाना साहिब गया सिख जत्था शनिवार को तीन स्पेशल ट्रेनों से खट्टी-मीठी यादों के साथ वतन लौटा। जत्थे में शामिल 2346 संगत को लेकर स्पेशल ट्रेनें 11:40, 13:35 व 15:30 बजे भारत पहुंचीं।
जत्थे में शामिल अधिकांश श्रद्धालुओं के चेहरों पर श्री ननकाना साहिब के दर्शन की खुशी दिखी। वहीं पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई के व्यवहार से तनाव भी झलका। पाक से लौटे मंगल सिंह ने बताया कि इस बार श्री ननकाना साहिब में दो स्टेज लगी थी। एक स्टेज से कनाडा, जर्मनी व अन्य देशों से आए गरमख्याली नेताओं ने भारत विरोधी जहर उगला। श्री ननकाना साहिब में पिछले वर्ष की तुलना में संगत के ठहरने व खाने-पीने की व्यवस्था बेहतर थी।
जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं को गुरुद्वारे से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा रखी थी। यही वजह थी कि सिख जत्था इस बार यात्रा के दौरान काफी कठिनाइयों से गुजरा। पाक की कई खुफिया एजेंसियां संगत से लंबी पूछताछ करती रही। जबकि भारत विरोधी नारेबाजी करने वाले गरमदल के विदेशी श्रद्धालुओं पर पाक मेहरबान रहा।