अब हिन्दू, सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान नहीं जा सकेंगे। पाकिस्तान के उकाफ बोर्ड ने फैसला सुनाते हुए इस पर पाबंदी लगा दी है। इसके अलावा जिन सिखों के केश कटे हैं, उनके बारे में उकाफ बोर्ड और पाकिस्तानी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) विचार-विमर्श कर रही है।
यह जानकारी विश्व भाई मरदाना यादगारी कीर्तन दरबार सोसाइटी के प्रधान हरपाल सिंह भुल्लर ने दी। भुल्लर ने बताया कि 2019 में गुरु नानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव पर पाकिस्तान सरकार ने दस हजार सिख श्रद्धालुओं को वीजा देने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि हाल ही में सिख जत्थे के साथ जाने वाली होशियारपुर की महिला किरण बाला ने पाकिस्तान जाकर धर्म परिवर्तन कर लिया था। इसके बाद उसने पाकिस्तानी व्यक्ति से निकाह रचा लिया। इसके अलावा इसी जत्थे में गया अमरजीत सिंह पाकिस्तान में बिन बताए कहीं चला गया था। उसे पाकिस्तान पुलिस ने पकड़ कर भारत के हवाले किया था। इन घटनाओं के बाद ही ये फैसले लिए गए।
आठ जून को पाक जाएगा जत्था
हरपाल सिंह भुल्लर ने बताया कि गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी जोड़ मेले में आठ जून को जत्था पाकिस्तान जाएगा, 16 जून को शहीदी मेला मनाने के बाद 18 जून को वापस भारत आएगा। इसी तरह शेरे पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की बरसी मनाने के लिए पाक 21 जून को जत्था जाएगा, 29 को शहीदी दिवस मनाने के बाद 30 जून को जत्था भारत आएगा।