इस अवसर पर बॉबी बंसल ने कहा की लाहौर फोर्ट में इस आदमकद कके बुत को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य सीमा के इस पार व उस पार के पंजाबियों को पंजाब के इस महान शासक के इतिहास के बारे में जानकारी देना है। महाराजा रंजीत सिंह केवल सिखों के राजा नहीं थी, वह समूह पंजाबियों के दिलों में राज करते थे। पाकिस्तान के इतिहासकार अंजुम दारा ने कहा की पंजाब के इतिहास में महाराजा रंजीत के दौर नई पीढ़ी को जानकारी देने में मदद मिलेगी।
गुरु नगरी में भी लगी है महाराजा की बुत
गुरु नगरी के राम बाग में भी घोड़े पर सवार महाराजा रंजीत का बुत स्थापित है। इस बुत की स्थापना लहभग 25 वर्ष पूर्व की गई थी। राम बाग शेरे पंजाब द्वारा बनाया गया था। यही पर महाराजा रंजीत सिंह ने गर्मियों के दिन बिताने के लिए एक महल भी बनाया था। आजादी के बाद इसको एक म्यूजियम में बदल दिया गया था।