भारतीय युवा लगतार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनसे रियो ओलंपिक में पदक जीतने की अधिक उम्मीदें हैं। यह बात नामी बैडमिंटन प्लेयर और पद्मभूषण पी. गोपीचंद ने कही। वह पंजाब यूनिवर्सिटी में मंगलवार से शुरू हुई नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में पहुंचे।
बातचीत में उन्होंने कहा की रियो ओलंपिक शुरू होने में कुछ ही समय बचा है। पिछले 2-3 वर्षों से युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
जिससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि इस बार ओलंपिक में पदक जरूर आएंगे। गोपी चंद का कहना है कि खिलाड़ियों को यह सोचकर नहीं खेलना चाहिए कि वह ओलंपिक में खेल रहे हैं।
बल्कि उनका फोकस गेम पर होना चाहिए। साथ खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजूबत होना चाहिए और हमेशा मुकाबले से पहले रिलेक्स होने की जरूरत है। खिलाड़ी बिना तनाव के कोर्ट पर उतरें और अपना शत प्रतिशत योगदान दें। खिलाड़ियों को अपनी कमियों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत हैं। जिससे वह अपने विरोधी खिलाड़ी से बेहतर कर सकते हैं।
चीन, स्पेन, जापान से कड़ा मुकाबला
पिछले कई अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान भारत व चीन के खिलाड़ियों में कड़ा मुकाबला देखा गया है। इस पर गोपीचंद का जवाब था कि कोई जरूरी नहीं हैं। क्योंकि ओलंपिक में जापान व स्पेन जैसी मजबूत टीमें भाग ले रही हैं।
सान्या बेहतरीन खिलाड़ी
सान्या के प्रदर्शन के बारे में कहा कि वह एक बेहतरीन खिलाड़ी उभर कर समाने आई हैं। पीवी सिंधू कई बार बड़े मैचों में अच्छी परफार्मेंस करने में असमर्थ हो जाती हैं। इस सवाल पर गोपी चंद ने कहा कि उन्हें अभी तकरीबन 2-3 साल का समय लगेगा। जब उनका प्रदर्शन लगातार ठीक होता जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समय भारत की वुमन टीम की अच्छी परफॉर्मेंस रही है।
खिलाड़ियों पर कर रहे फोकस
कोच का पद संभालने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह देश के युवा खिलाड़ियों को तराशने में लगे हैं। खिलाड़ियों के बेसिक व फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।