भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदारा सिंह को भारत सरकार की ओर से गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। प्रदेश का नाम रोशन करने वाले इस खिलाड़ी को मिल रहे सम्मान की खबर के बाद खासकर हॉकी प्रेमी तो फूले नहीं समा रहे हैं।
सरदारा के गांव संतनगर में त्यौहार जैसा माहौल बन गया है। उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। गांव में मिठाइयां बांटी जा रही हैं। जिले में अब तक किसी को भी पद्मश्री अवॉर्ड नहीं मिला है। सरदारा को जब 2012 में अर्जुन अवॉर्ड दिया गया था उस समय तक जिले में किसी को अर्जुन अवॉर्ड भी नहीं मिला था और न ही बाद में अबतक किसी को मिला है।
हॉकी संघ के सचिव एवं सरदारा सिंह के प्रारंभिक कोच डॉ. बलदेव सिंह ने बताया कि उन्होंने ही सरदारा को पद्मश्री अवॉर्ड के लिए आवेदन किया था। अब अवॉर्ड की घोषणा सुनकर बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 2012 में सरदारा सिंह को अर्जुन अवॉर्ड दिया गया था, जिसके लिए भी उन्होंने ही आवेदन किया था। उन्होंने कहा कि सरदारा सिंह के सिरसा पहुंचने पर नागरिक अभिनंदन किया जाएगा।
गदगद हैं सरदारा के पिता
सरदारा सिंह के पिता गुरनाम सिंह बेटे को पद्मश्री अवॉर्ड मिलने की खबर सुनकर गदगद हैं। उन्होंने कहा कि बेटे ने देश के लिए खेलते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। माता-पिता के लिए इससे बढ़कर कोई खुशी हो ही नहीं सकती कि उनके बच्चे देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
भीम अवॉर्ड से अभी भी वंचित
भले ही उपलब्धियों के आधार पर भारतीय हॉकी के सितारे सरदारा को भारत सरकार की ओर से अर्जुन अवार्ड दिया गया है और पद्मश्री अवार्ड की घोषणा कर दी गई है जो दो दिन बाद दिया जाना है पर अभी तक प्रदेश सरकार की ओर से दिया जाने वाला भीम अवॉर्ड सरदारा सिंह को अभी भी नसीब नहीं हुआ है। सरदार सिंह को इस अवॉर्ड से अभी तक क्यों वंचित रखा गया है, यह खेल प्रेमियों की समझ से परे है।