पान की दुकान के 1.32 अरब रुपये के बिजली बिल को लेकर बिजली निगम के अफसरों की नींद शुक्रवार को टूटी। कार्यालय में विश्वकर्मा जयंती पर अवकाश था, लेकिन इसके बावजूद एसई ने संबंधित अधिकारियों कार्यालय बुलवाया और बिल की जांच के बाद यूनिट के आधार पर दुकानदार को दोबारा से बिल जारी करने के निर्देश दिए।
अब दुकान करने वाले राजेश चौटाला को 48 यूनिट इस महीने के 137 यूनिट पिछले महीने के आधार 1668 रुपये का नया बिजली बिल दिया गया है। गौरतलब है कि चौटाला ने गलत बिल के लिए कर्मचारियों को फोन पर या जाकर सूचित नहीं किया बल्कि कर्मचारी उसे खोजते हुए उसके घर पहुंचे और उसे असली बिल दिया।
ये है मामला
गुप्ता वाली गली निवासी राजेश चौटाला की पुरानी अनाज मंडी में चौटाला पान भंडार के नाम से किराए की दुकान है। बुधवार को राजेश चौटाला को दुकान में लगे बिजली के मीटर का 1,32,29,60,332 रुपए का बिल बिजली निगम की ओर से थमाया गया।
दुकान में जो बिजली का मीटर लगा है, उसमें मात्र 48 यूनिट थी। हालांकि बिजल निगम के अधिकारियों ने एक बल्ब और एक पंखे के चलने का चार्ज 1,07,64,00,270 रुपए दिखाया। बिल में एडजस्टमेंट चार्ज के रूप में अलग से 21,89,60,554 रुपए जोड़े गए थे।
छुट्टी के दिन जागे अफसर
23 से 26 अक्टूबर लगातार चार दिन की छुट्टी है। लेकिन विभाग की नींद शुक्रवार को 1.32 अरब के बिजली बिल को लेकर खुल गई। विश्वकर्मा जयंती के उपलक्ष्य में अपने घरों पर छुट्टी का आनंद ले रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को एसई एसएन शर्मा ने बुलाया।
उन्होंने बिल की जांच कराई और इसे ठीक कर आज ही राजेश को नया बिजली बिल थमाने के आदेश अधिकारियों को दिए। इसके बाद निगम ने राजेश चौटाला को 48 यूनिट इस महीने और 137 यूनिट पिछले महीने के आधार पर 1668 रुपए का बिल दिया गया है।
5 हजार के बदले 15 हजार का बिल
एसई एसएन शर्मा ने कहा कि ये गलती आपरेटर की भी नहीं बताई जा सकती क्योंकि ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम के लिए नए सॉफ्टवेयर को हाल ही में लागू किया गया है।
साफ्टवेयर की खराबी के कारण ही गोहाना के राजेश चौटाला को गलत बिल चला गया। अधिकारी कह रहे है कि गड़बड़ी के कारण गांव महमूदपुर में भी जिनका बिल पांच हजार था उनके पास 15 हजार का बिल चला गया। शर्मा ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिल ज्यादा आए हैं उनको परेशान नहीं होना पड़ेगा कर्मचारी अपने आप ठीक करेंगे।