स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि रेमडेसिविर के पांच हजार इंजेक्शन का आवंटन किया गया है, लेकिन कंपनी की ओर से स्टॉक बहुत कम आ रहा है। कभी 100 इंजेक्शन मिलते हैं तो कभी 70। एक हफ्ते से रेमेडेसिविर की सप्लाई शुरू हुई है, जो भी इंजेक्शन आते हैं पहले उन्हें सरकारी अस्पतालों में दाखिल मरीजों को दिया जाता है। इसके बाद पीजीआई व मेडिकल कॉलेज भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस बात की भी निगरानी रखी जा रही है कि इन दवाओं की कोई कालाबाजारी न हो।
दवा कितनी कारगर पता नहीं, लेकिन मरीज को दी जा रही
पीजीआई के डीन प्रो. जीडी पुरी ने बताया कि रेमडेसिविर व टोसिलिजुमैब कोरोना मरीजों में कितनी कारगर है, अभी ऐसा कोई अध्ययन सामने नहीं आया है। इसके बावजूद गंभीर मरीजों को ये दवाएं दी जा रही हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ चिकित्सकों ने बताया कि कुछ गंभीर मरीजों को इन दवाओं का फायदा हुआ तो कुछ में नहीं। कोविड की फिलहाल कोई दवा है नहीं। जब डॉक्टर के पास कोई विकल्प नहीं बचता है तो इन दवाओं का ही सहारा लेना पड़ता है।
सोशल मीडिया पर डाला मैसेज, इंजेक्शन नहीं मिलने पर गई जान
चंडीगढ़ के वंश खंडूजा ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज डाला है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि कोरोना संक्रमित आशा खंडूजा पंचकूला के एक हॉस्पिटल में दाखिल थीं, जो अब नहीं रहीं। टोसिलिजुमैब नहीं मिलने से उनकी जान चली गई है। डॉक्टर से कई बार गुहार लगाई, लेकिन उनकी ओर से इस इंजेक्शन का कोई विकल्प नहीं बताया गया। इस दवा की कमी से हमने अपने परिवार के दूसरे सदस्य को खोया है।
रोजाना 100 से ज्यादा लोग रेमडेसिविर लेने आते हैं, लेकिन मजबूर होकर उनकी मदद नहीं कर पा रहे हैं। लोग दुकान में आकर गुहार लगाते हैं। कई लोग तो रोने लगते हैं। रेमडेसिविर की काफी कमी है। ऑक्सीमीटर अब नहीं मिल रहा।
- कमल ललित, दुर्गा मेडिकोज, सेक्टर-11 चंडीगढ़
पिछले चार दिन से नहीं है ऑक्सीमीटर
पिछले चार दिन से ऑक्सीमीटर नहीं है। कंपनी की ओर से सप्लाई ठप पड़ी है। कोरोना की दूसरी दवाओं का भी संकट बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर कुछ और दुकानों में भी रेमडेसिविर बेचने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अब तक मिली नहीं है।
-रमेश सिंगला, सिंगला मेडिकोज, सेक्टर-16 चंडीगढ़
टोसिलिजुमैब के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है कि कब तक मार्केट में आएगी? सूचना थी कि 28 के अप्रैल के आसपास स्टॉक पहुंच सकता है। -अमित दुग्गल, ड्रग कंट्रोलर चंडीगढ़