चंडीगढ़। शहर में मेडिकल ऑक्सीजन की खपत बढ़ती जा रही है, लेकिन यूटी प्रशासन को न तो केंद्र से और न ही पड़ोसी राज्यों से ऑक्सीजन के संबंध में कोई मदद मिल रही है। प्रशासन ने एक हफ्ते पहले केंद्र को ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने के लिए लिखा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। इस बीच अब खबर आई है कि केंद्र चंडीगढ़ के लिए 89 कन्संट्रेटर भेज रहा है।
शहर में बढ़ती मेडिकल ऑक्सीजन की मांग को पूरा करने के लिए प्रशासन ने केंद्र सरकार से कोटा बढ़ाने के साथ ऑक्सीजन कन्संट्रेटर आदि की मांग की थी। इसके अलावा प्रशासन ने वेंटिलेटर व अन्य चिकित्सा उपकरणों की मांग की है, लेकिन अभी तक प्रशासन को सिर्फ 89 कन्संट्रेटर मिलने की ही जानकारी मिली है। हालांकि, प्रशासन के अधिकारियों ने अभी यह तय नहीं किया है कि 89 कन्संट्रेटर का इस्तेमाल यूटी प्रशासन कहां करेगा। इस पर यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा का कहना है कि शहर में ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है, इसलिए प्रशासन ने केंद्र सरकार से कोटा बढ़ाने की मांग की है। अभी तक उस पर कोई जवाब नहीं आया है। हालांकि, केंद्र ने शहर को कंसंट्रेटर भेजने के लिए हामी भर दी है, जो जल्द ही शहर को मिल जाएगी।
कई मिनी कोविड केयर सेंटर बने, इसलिए कई गुना बढ़ गई खपत
शहर के लिए वर्तमान में केंद्र सरकार ने 20 एमटी मेडिकल ऑक्सीजन का कोटा तय किया है, जिसे पिछले सप्ताह प्रशासन ने केंद्र सरकार से 35 एमटी करने की मांग की थी। प्रशासन के अधिकारियों का तर्क है कि शहर में पिछले कुछ दिनों में कई मिनी कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं। इनके अलावा पंजाब यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल हॉस्टल में 100 बेड का अस्पताल भी बनाया गया है। प्रशासन की तरफ से इन सभी जगहों पर 80 प्रतिशत बेड ऑक्सीजन की सुविधा युक्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में शहर में ऑक्सीजन की खपत बढ़ गई है। प्रशासन ने सभी मिनी कोविड केयर सेंटर चलाने वालों को यह आश्वासन भी दिया है कि संस्था ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था करेगी और प्रशासन उन सिलेंडरों को रिफिल कराने का काम करेगा। हालांकि, ऑक्सीजन की कमी की वजह से प्रशासन ने कई संस्थाओं को ऑक्सीजन देने के वादे पर हाथ खड़े कर दिए हैं।
क्या है ऑक्सीजन कन्संट्रेटर?
ऑक्सीजन कन्संट्रेटर एक मेडिकल डिवाइस है, जो आसपास की हवा से ऑक्सीजन को एक साथ इकट्ठा करता है। पर्यावरण की हवा में 78 फीसदी नाइट्रोजन और 21 फीसदी ऑक्सीजन गैस होती है। दूसरी गैस बाकी एक फीसदी हैं। ऑक्सीजन कन्संट्रेटर इस हवा को अंदर लेता है, उसे फिल्टर करता है, नाइट्रोजन को वापस हवा में छोड़ देता है और बाकी बची ऑक्सीजन मरीजों को उपलब्ध कराता है।