कोरोना महामारी की वजह से विभिन्न राज्यों की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में अन्य राज्यों के लोग चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं और यहां के निवासी होने का झूठा दावा कर अपना इलाज करवा रहे हैं। बुधवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ हुई बैठक में यह खुलासा पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने किया।
इसके बाद प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनकी टीम, जो शहर के विभिन्न एंट्री प्वाइंट पर थर्मल स्क्रीनिंग का काम कर रही हैं, वह अपने साथ ऑक्सीमीटर भी रखें, ताकि संदिग्ध व्यक्ति की ऑक्सीजन लेवल की भी जांच तुरंत की जा सके। उन्होंने कहा कि इससे कोरोना के लक्षणों की जल्द पहचान हो सकेगी।
इसके अलावा प्रशासक ने स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता को आदेश दिया कि वह यह सुनिश्चित करें कि शहर में बायो मेडिकल वेस्ट खास तौर पर पीपीई किट का निपटारा सही तरीके से हो। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में पीजीआई डायरेक्टर ने बताया कि वह अन्य राज्यों से आने वाले प्रत्येक मरीज का कोरोना टेस्ट कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो मरीज किसी अन्य अथॉरिटी से कोरोना निगेटिव का सर्टिफिकेट लेकर पीजीआई आ रहा है, उसकी भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान यह बात सामने आई है कि बहुत से मरीज ऐसे हैं जो अन्य राज्यों से संबंध रखते हैं लेकिन इलाज करवाने के लिए खुद को चंडीगढ़ का झूठा पता देकर शहर का नागरिक बता रहे हैं।
इस पर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिए कि वह गलत जानकारी देने वाले ऐसे मामलों को देखें और उनकी जांच करें।