राजेश ढल्ल हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रहने वाले लोगों को प्रशासन जल्द ही मालिकाना हक देगा। इसके लिए खाका तैयार किया जाने लगा है। उम्मीद है अप्रैल के अंत तक नया आदेश जारी हो जाएगा।
इस समय हाउसिंग बोर्ड के 30 प्रतिशत मकान ऐसे है, जिनकी रजिस्ट्री (कनविंस डीड) नहीं हो पा रही है। मकानों में वायलेशन का हवाला देते हुए बोर्ड की ओर से साल 2012 से अब तक किसी को भी मालिकाना हक नहीं दिया गया है। हाउसिंग बोर्ड जिसे वायलेशन कह रहा है, उसे यहां रहने वाले नीड बेस्ड चेंज कह रहे हैं।
साल 2006 से 2012 तक हाउसिंग बोर्ड की ओर से हर हाल में मालिकाना हक दे दिया जाता था, लेकिन इसके बाद कहा गया कि वायलेशन वाले मकानों की डीड नहीं होगी। इसी पर विवाद भी होते रहे हैं।
शनिवार को भाजपा नेताओं के साथ सीएचबी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी से मुलाकात की थी। इसके बाद चंडीगढ़ के हाउसिंग बोर्ड ने खाका तैयार करने का काम तेजी से शुरू कर दिया है। खाका तैयार होने के बाद उसे मंजूरी के लिए प्रशासक को भेजा जाएगा।
भाजपा का था चुनावी वादा
लोकसभा चुनाव में भाजपा के घोषणा पत्र में भी मालिकाना हक दिलाने का वादा किया गया था और भाजपा की मांग पर ही आईएएस मनिंद्र सिंह को हाउसिंग बोर्ड का चेयरमैन भी नियुक्त किया गया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मालिकाना हक देने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
पांच साल वाली शर्त भी हटेगी
इस समय हाउसिंग बोर्ड की ओर से उन मकानों को भी ट्रांसफर नहीं किया जा रहा है, जो पांच साल पहले ही खरीदे जा चुके थे। बताया जा रहा है कि नए खाके में पांच साल वाली शर्त हटाने की भी तैयारी है। अब यदि यह तैयारी सिरे चढ़ी तो सैकड़ों लोगों को इसका फायदा मिलेगा।