सुखना लेक की पेड पार्किंग में धोखे से चालकों से ओवरचार्जिंग होने के मामले में आर्य इंफ्रा कंपनी ने यहां पर काम करने वाले 14 कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। आर्य इंफ्रा कंपनी ने मंगलवार को नगर निगम कमिश्नर जितेंद्र यादव को पत्र लिखकर इसकी सूचना दी है। कंपनी ने माना है कि ओवरचार्जिंग उनके कर्मचारियों द्वारा धोखे से की जा रही थी। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में सुखना लेक पर धड़ल्ले से हो रही ओवरचार्जिंग शीर्षक के साथ खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
मालूम हो कि नगर निगम के पास भी सुखना लेक पर ओवरचार्जिग की शिकायतें पहुंच रही थीं। सुखना लेक पर तैनात कर्मचारियों पर कई चालक दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगा चुके हैं। वहीं नगर निगम ने भी अपने स्तर पर ओवरचार्जिंग की जांच शुरू कर दी है। ज्वाइंट कमिश्नर तेजदीप सैनी ने एसडीओ पार्किंग से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। कमिश्नर को भेजे पत्र में आर्य इंफ्रा कंपनी ने कहा है कि उन्हें जब चालकों द्वारा धोखे से की गई ओवरचार्जिंग की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत प्रभाव से कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया।
मल्टी एंट्री विजिट की निकालते थे पर्ची
सोमवार को नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते के सब इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ इस पेड पार्किंग में पार्क कर चुके वाहनों को दी जाने वाली पर्चियां पकड़ी थीं। इसमें पाया कि चालकों से 10 की जगह 25-25 रुपये वसूले जा रहे हैं। सभी पर्ची में मल्टी एंट्री विजिट और टैक्सी प्रिंट करके अवैध वसूली की जा रही थी। इस समय सुखना लेक सहित शहर की सभी 25 पेड पार्किंग को आर्य इंफ्रा कंपनी चला रही है। एक ही कंपनी को सभी पार्किंग देने का निर्णय इसलिए ही लिया गया था क्योंकि पिछले ठेकेदारों द्वारा ओवरचार्जिंग की जाती थी।
अतिरिक्त राशि लौटाई जाए : पार्षद
भाजपा पार्षद सतीश कैंथ का कहना है कि अभी तक जिन जिन लोगों से ओवरचार्जिंग हुई है, उनसे चार्ज की गई अतिरिक्त राशि चालकों को लौटाई जाए। यह राशि कंपनी को ही लौटानी चाहिए। नगर निगम को समय-समय पर अपनी टीम से भी सभी पेड पार्किंगों को चेक करना चाहिए।