जीरकपुर फ्लाईओवर पर बीती रात एक बड़ा हादसा होने से बच गया। हादसा मरम्मत के लिए रखे बेरीकेट के कारण हुआ, क्योंकि इसके आगे रिफलेक्टर नहीं रखा हुआ था। हालांकि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन अगर गाड़ी फ्लाई ओवर से नीचे गिर जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जीरकपुर फ्लाईओवर पर चल रहे मेंटिनेंस के काम को करते समय यहां सुरक्षा प्रबंधों को नजरअंदाज किया गया है। यहां शनिवार रात बड़ा हादसा होने से बच गया। अगर गाड़ी फ्लाईओवर से नीचे गिर जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। रात करीब आठ बजे डेराबस्सी की ओर से आ रही टाटा स्ट्रोम गाड़ी के आगे अचानक बेरीकेट आ गया।
इस बेरीकेट पर रिफलेक्टर न लगा होने के कारण ड्राइवर को दिखाई नहीं दिया और गाड़ी को बचाने के प्रयास में ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया। गाड़ी फ्लाईओवर के सेंटर में लगी लाइट के पोल से टकराती हुई दूसरी लेन में जा पहुंची और उसकी टायर फट गया। गाड़ी टकराने से पोल नीचे गिर गया।
गाड़ी फ्लाईओवर के एकदम किनारे जा पहुंची थी। रफ्तार अधिक होती तो गाड़ी फ्लाईओवर से नीचे भी गिर सकती थी संयोग से उस वक्त सामने से कोई गाड़ी नहीं आ रही थी।
गाड़ी चला रहे नितिन ने कहा कि यहां फ्लाईओवर पर रात को कुछ नजर नहीं आ रहा था। इस कारण यह हादसा हुआ। अगर रिफलेक्टर लगे होते तो यह हादसा न होता। इसके बाद यहां करीब एक घंटे तक ट्रैफिक प्रभावित रहा। फिर पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग ने यहां ट्रैफिक व्यवस्था ठीक की। इसके बावजूद यहां अंधेरे में कई गाड़ियां बेरीकेट से टकराईं।
फ्लाईओवर पर मेंटिनेंस का काम चल रहा है। रात के समय यहां रिफलेक्टर लगाए गए हैं। कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। हमारी तरफ से कोई ढील नहीं है।
जितेंद्र शर्मा, सीआरओ, जीएमआर