चंडीगढ़। यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि इन विद्यार्थियों को स्कूल फीस में राहत देने के साथ अगर किसी बच्चे को आवास की जरूरत हो तो उसे यह सुविधा भी दी जाए। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों का सर्वे कर लिया है। अब निजी स्कूलों से कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों की जानकारी मांगी गई है। इसके बाद सभी का एक साथ विवरण तैयार किया जाएगा।
प्रशासक ने वॉर रूम की बैठक में समाज कल्याण विभाग की सचिव नीतिका पंवार को निर्देश दिए हैं कि अगर किसी बच्चे को जरूरत हो तो उसे प्रशासन कल्याण गृह में मुफ्त में आवास मुहैया करवाया जाए। उन्होंने पंवार को प्रशासक सलाहकार परिषद की उप-समिति के परामर्श से एक व्यापक योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया, ताकि सभी प्रभावितों का पूरी तरह से पुनर्वास किया जा सके। शिक्षा विभाग की ओर से शहर के सरकारी स्कूलों में किए गए सर्वे में अभी तक 40 अनाथ बच्चों की जानकारी मिली है, जिन्होंने कोरोना महामारी में अपने माता-पिता में से किसी एक को या दोनों को खो दिया है। अभी शिक्षा विभाग और प्रभावित बच्चों की तलाश कर रहा है, इसके साथ ही निजी स्कूलों को भी सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए स्कूलों को वीरवार तक का समय दिया गया है।