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गजब की कलाकारी... अनाज के दानों के बना डाले ये खूबसूरत ‘स्कल्पचर’

Tue, 24 Oct 2017 01:08 PM IST
अरविंद बाजपेयी/अमर उजाला, चंडीगढ़
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द प्लेट एंड द पैलेट एग्जिबिशन का आयोजन
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आपने स्कल्चर तो खूब देखें होंगे पर क्या मक्का, जौ, सरसों से बने स्कल्पचर देखे हैं। यदि नहीं तो चले आएं पंजाब यूनिवर्सिटी के फाइन आर्ट डिपार्टमेंट में। यहां आपको ग्रेन से बनाए खूबसूरत स्कल्पचर दिखाई देंगे। इन्हें तैयार किया है शहर के नेशनल अवार्ड विनिंग आर्टिस्ट मदन लाल ने। यहां आपको इजराइल की महिला आर्टिस्ट शिर्ले सीगल द्वारा तैयार की र्गईं पेंटिंग्स भी दिखेंगी, जिनका कांसेप्ट है महिला सशक्तीकरण।
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 चंडीगढ़ के आर्टिस्ट मदन लाल पंजाब इंडस्ट्रीज में अधिकारी हैं। मदन लाल ने बताया कि द प्लेट और पैलेट का यह कांसेप्ट एक वर्ष पहले आया था। उन्होंने बताया कि इस कांसेप्ट के लिए जब स्कल्पचर तैयार करने के लिए सोच रहे थे तो उस समय विचार आया कि क्यों न ग्रेन से स्कल्पचर तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे मक्का, जौ, सरसों को इकट्ठा करना शुरू किया। स्कल्पचर तैयार करने में बर्फ जमाने की ट्रे और उनको आकार देने के लिए कटोरियों का प्रयोग भी किया।

एक एक शेप तैयार करने के बाद उन्हें जोड़ा गया। मदन लाल ने बताया कि वह पैंतीस साल से आर्ट के क्षेत्र में हैं। उन्हें आर्ट के साथ प्रयोग करना अच्छा लगता है। उन्होंने बताया कि इन्हें तैयार करने के लिए पार्क में अशोक के पेड़ से गिरे दानों को कलेक्ट किया और उसका प्रयोग भी किया। उनके बनाए गए स्कल्पचर की खूबी है उनका प्राकृतिक रंग, जिसमें उन्होंने कोई भी रंग प्रयोग नहीं किया है।
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the Plate and the Pallet Exhibition
प्रदर्शनी का दूसरा आकर्षण है इजराइली आर्टिस्ट शिर्ले सीगल की डाइनिंग आर्ट। वास्तव में शेर्ली की यह आर्ट महिला सशक्तीकरण को समर्पित है। शिर्ले सीगल ने बताया कि करीब 13 वर्ष पहले उन्होंने टीवी पर ईरान में महिलाओं पर पत्थर मारते लोगों को देखा तो दुख हुआ। उन महिलाओं केे चेहरे नकाब से ढके थे।

तब से वह महिलाओं पर खास तौर से आर्ट बनाने लगीं। उन्होंने छोटे छोटे पत्थरों पर महिलाओं की आकृतियां उकेरनी शुरू कीं। इसका उद्देश्य था महिला जागृति लाना। फिर उन्होंने उन महिलाओं के चेहरों को प्लेट और चम्मचों में उकेरना शुरू किया, जिन्होंने दुनिया में नाम कमाया है। मसलन दुनिया की पहली महिला पायलट की तस्वीर को उन्होंने अपनी प्लेट में उकेरा। शिर्ले ने बताया कि डाइनिंग टेबल वास्तव में महिलाओं को ही समर्पित होती हैं। यहां निगोशिएशन भी होते हैं। इसीलिए उन्होेंने महिलाओं की यूनिटी को दिखाने के लिए इसका इस्तेमाल किया।
 
मासोदोनिया में मिले थे दोनों कलाकार
मदन लाल ने बताया कि शिर्ले से उनकी मुलाकात मासोदोनिया में एक प्रदर्शनी के दौरान हुई थी। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात के दौरान ही तय हुआ था कि दोनों मिलकर महिला सशक्तीकरण पर एक प्रदर्शनी का आयोजन करेंगे। उसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी की जगह तय हुई और अब प्रदर्शनी लगाई जा रही है। 
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