चंडीगढ़। सेक्टर-49डी निवासी एसके वर्मा की शिकायत पर अदालत ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड को आदेश दिया कि शिकायतकर्ता को 10,006 रुपये की बची राशि 45 दिनों के अंदर वापस करे। साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 5000 का मुआवजा भी प्रदान करने का आदेश दिया है। यह राशि शिकायतकर्ता की बेटी के कोचिंग शुल्क के तौर पर ली गई थी।
शिकायतकर्ता एसके वर्मा ने आरोप लगाया कि उन्होंने बेटी सानू वर्मा के नौवीं और दसवीं कक्षा की कोचिंग के लिए आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड से संपर्क किया था। इस पर उन्होंने 32,091 रुपये कोचिंग फीस के रूप में भुगतान किया था। हालांकि अगले ही दिन 20 अप्रैल 2023 को जब वह बेटी के साथ बुक्स लेने पहुंचे तो उनके साथ बदतमीजी की गई। इसके बाद उन्होंने कोचिंग छोड़ने का निर्णय लिया और धन वापसी की मांग की, लेकिन कोचिंग सेंटर वालों ने कुछ पैसे ही लौटाए। अदालत ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड द्वारा दी गई सेवाओं में कमी और अनुचित व्यापार प्रथाओं का दोषी ठहराते हुए फैसला सुनाया।