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Chandigarh News: बीमा कंपनी को घर खरीदने के लिए लोन की रकम 22.85 लाख रुपये भुगतान करने के आदेश

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चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने लाइफ इंश्योरेंस बीमा कंपनी से मृत्यु के बाद घर खरीदने को लेकर लिए गए ऋण की शेष राशि को कवर करने को लेकर ली गई पॉलिसी के एक मामले में सुनवाई की। पॉलिसी के तहत यदि आवेदक की मृत्यु हो जाती है तो वह ऋण की शेष राशि को कवर करेगी और प्रीमियम का भुगतान भी करेगी। आयोग ने बकाया किस्त को भरने को लेकर उपभोक्ता की ओर से ली गई पॉलिसी के बावजूद कंपनी की ओर से ऋण की राशि का भुगतान न करने को गलत ठहराते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने मामले में बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड व बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को लोन की 22 लाख 85 हजार 180 रुपये की राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। क्या है पूरा मामला..
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दायर याचिका में मोहाली के फेज-7 के रहने वाले सरताज सिंह ने उक्त दोनों कंपनी के खिलाफ आयोग को शिकायत दी थी। आयोग को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके पिता प्रीतपाल सिंह ने मोहाली में घर खरीदने के लिए 2 नवंबर 2018 को को बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से 43 लाख रुपये का लोन लिया था। लोन में शिकायतकर्ता सरताज सिंह और उनकी मां इंद्रजीत कौर भी सह-आवेदक हैं। उनके पिता ने बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 2 लाख 26 हजार 465 रुपये का भुगतान करते हुए एक बीमा पॉलिसी ली थी। पॉलिसी के तहत यदि उनकी मृत्यु हो जाती है तो वह ऋण की शेष राशि को कवर करेगी और प्रीमियम का भुगतान भी करेगी। पॉलिसी लेने के बाद ली गई ऋण की रकम के लिए वह 44 हजार 902 रुपये की ईएमआई और 3 हजार 227 रुपये प्रीमियम राशि के तौर पर भुगतान करते आ रहे थे। बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को कुल ऋण का भुगतान मुख्य आवेदक होने के चलते याचिकाकर्ता के पिता की तरफ से ही किया जाना था, लेकिन 23 अगस्त 2019 को याचिकाकर्ता के पिता प्रीतपाल सिंह की मौत हो गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के पास ऋण राशि का भुगतान करने के लिए दावा किया। वहीं, मामले में बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने याचिकाकर्ता के दावे को खारिज करते हुए कहा कि प्रीतपाल सिंह की वर्ष 2005 में बाईपास सर्जरी हुई और 2012 में एंजियोप्लास्टी हुई थी। वह डायबिटीज से पीड़ित थे, लेकिन यह बात उन्होंने बीमा कंपनी को नहीं बताई। आयोग ने बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 22,85,180 रुपये का भुगतान करने और ऋण की ईएमआइ के साथ पॉलिसी प्रीमियम को वापस करने का निर्देश दिया।
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