चंडीगढ़। सेक्टर-26 की सब्जी मंडी में अवैध वेंडरों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने मंगलवार को कृषि विभाग और राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान अवैध विक्रेताओं को तुरंत हटाने के आदेश जारी किए। इसके साथ मंडी शुल्क व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन करने के निर्देश दिए, ताकि भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके और पारदर्शिता बनी रहे।
मुख्य सचिव ने कहा कि मंडी शुल्क की वसूली प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और इसकी गणना ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाए। इससे न केवल भ्रष्टाचार कम होगा बल्कि राजस्व संग्रह की दक्षता भी बढ़ेगी। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि मंडी शुल्क के रेट में बदलाव की संभावना पर विचार किया जा रहा है, जिससे व्यापारियों को बेहतर सुविधा और सरकार को पारदर्शी राजस्व प्रणाली मिल सके।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सेक्टर-26 मंडी की स्वच्छता व्यवस्था, सड़क, सीवरेज और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी सुविधाओं का समयबद्ध रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नई मंडी के स्थानांतरण की प्रक्रिया को तेज किया जाए और सेक्टर-39 मंडी से जुड़ा सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामला सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में मंडी समिति प्रशासक पवित्तर सिंह (पीसीएस), कृषि निदेशक नवीन और संयुक्त सचिव राजीव तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।