चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से शुक्रवार को धरना/प्रदर्शन/रैली के लिए सेक्टर-14 हेल्थ सेंटर/पुलिस चौकी के साथ के ग्राउंड की जगह निर्धारित की गई है। पीयू सदस्य चाहे विद्यार्थी हो, शिक्षक या कर्मचारी सभी को ग्राउंड में ही धरना लगाएं। आदेशों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। आदेश को विद्यार्थी संगठनों, पुटा और पुसा के सदस्यों ने प्रशासन का अलोकतांत्रिक व्यवहार बताया है।
विद्यार्थी और कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह आदेश पीयू के लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रहार है। अधिकारियों को दूसरों को निर्देशित करने की बजाय काम सही ढंग से संस्थान के हित में करना चाहिए जिससे धरने की नौबत ही न आए। विद्यार्थी और कर्मचारी कोई भी धरने के समर्थन में नहीं है लेकिन अगर उनके काम नहीं होंगे तो जो अधिकारी जिम्मेदार होगा, उसी दफ्तर के बाहर धरना लगाया जाएगा। एसएफएस के सदस्य संदीप ने कहा कि पीयू की ओर से जारी इस आदेश का हम पुरजोर विरोध करते हैं। पीयू लोकतांत्रिक संस्थान है इसलिए अपनी मांगें रखना सदस्यों का हक है।
आदेश छात्र राजनीति के खिलाफ
एबीवीपी के सदस्य अमित पुनियां ने कहा कि यह आदेश छात्र राजनीति के खिलाफ है। छात्र प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखते हैं ना कि पुलिस के सामने रखेंगे। इसलिए हम इस आदेश का विरोध करते हैं। मांगों के अनुसार विरोध संबंधित अधिकारियों के दफ्तर के सामने ही होगा। इनसो के सदस्य पुनित ने कहा कि ऐसे आदेश पीयू के साथ देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग इंप्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष हनी ठाकुर ने कहा कि एसोसिएशन कभी धरना और रैली नहीं करना चाहती लेकिन प्रशासन कर्मचारियों की बात नहीं सुनते हैं इसलिए हमें मजबूर होना पड़ता है।
पुटा ने वीसी को लिखा पत्र
पुटा ने उपरोक्त आदेश को लेकर वीसी को पत्र लिखा है और कहा है कि यूनिवर्सिटी को लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए मॉडल के रूप में काम करना चाहिए। प्रदर्शन सबका कानूनी अधिकार है। पीयू की ओर से ऐसा आदेश दुखदायी है। पुटा इस आदेश का विरोध करती है और चाहते हैं कि इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
कोट्स...
चंडीगढ़ प्रशासन ने भी धरने के लिए जगह तय की हुई है। विदेशों और देश के अन्य राज्यों से कई प्रशासनिक अधिकारी पीयू का दौरा करते हैं, ऐसे में वीसी दफ्तर का बंद गेट गलत संकेत देता है और आगंतुकों को परेशानी होती है। -प्रो. रेणु विग, डीयूआई, पीयू