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ऑर्बिट बस कांडः कोर्ट में आरोपों से मुकरा मरने वाली का पिता

Sat, 12 Dec 2015 03:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
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बादल परिवार को उस समय बड़ी राहत मिली, जब ऑर्बिट बस कांड में मरने वाली का पिता और गवाह अपने बयान से मुकर गए। एडिशनल जिला एवं सेशन जज गुरजंट सिंह की अदालत में शुक्रवार को ऑर्बिट बस कांड की सुनवाई हुई। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 15 जनवरी की तारीख तय कर मृतका की मां-भाई और अन्य गवाहों को तलब किया है।
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एडिशनल जिला एवं सेशन जज गुरजंट सिंह की अदालत में मृतका अर्शदीप कौर के पिता सुखदेव सिंह ने बतौर गवाह बयान दर्ज करवाए। इस दौरान सुखदेव सिंह पुलिस के पास दिए अपने पहले बयानों से पलट गया। उसने पुलिस को दिए बयानों में कहा था कि इस घटना की पूरी जानकारी उसे उसकी पत्नी ने दी थी।

उसने कहा था कि उसकी लड़की अर्शदीप कौर को छेड़छाड़ के बाद चलती बस में से नीचे फेंक दिया गया था। उसकी मां छिंदर कौर गंभीर घायल हो गई थी। अस्पताल में पहुंचने तक लड़की की मौत हो चुकी थी। वहीं अदालत में सुखदेव सिंह ने पलटते हुए कहा कि उसे घटना के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं थी।
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वहीं केस में चश्मदीद गवाह बस सवार दंपति जगतार सिंह और अमरजीत कौर निवासी गांव रोडे भी शुक्रवार को अदालत में गवाही देने पहुंचे। वे भी अदालत में पुलिस के सामने दिए बयान से पलट गए। अदालत में उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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बेटी को छेड़छाड़ के बाद बस से फेंका गया था

आरोप है कि इस वर्ष 29 अप्रैल को अर्शदीप कौर को छेड़छाड़ के बाद बादल परिवार की मिल्कियत वाली बस कंपनी ऑर्बिट की बस से फेंक दिया गया था।

पुलिस ने 24 जुलाई को इलाका ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जेएमआईसी/बाघापुराना अमित कुमार गर्ग की अदालत में धारा 302, 307, 354, 120-बी, 34 और एससीएसटी एक्ट के अंतर्गत आरोपियों रणजीत सिंह निवासी बठिंडा, सुखविंदर सिंह उर्फ पमा निवासी बहावल वाली थाना अबोहर जिला फाजिल्का, गुरदीप सिंह उर्फ जिम्मी निवासी दशमेश नगर मोगा और अमर राज दाना निवासी चक बख्तू जिला बठिंडा के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में इस केस की सुनवाई के अधिकार न होने के कारण यह केस एडिशनल जिला एवं सेशन जज गुरजंट सिंह की अदालत में लग गया था। अदालत ने आठ सितंबर को आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। इस मामले की जांच राज्य सरकार की तरफ से गठित जस्टिस वीके बाली आयोग भी जांच कर रहे हैं।

आरोपियों को मिल सकती है राहत
कानूनी माहिरों के अनुसार इन तीनों गवाहों के मुकरने से जहां पुलिस की कहानी कमजोर हो गई है, वहीं आरोपियों को अदालत में से बड़ी राहत मिल सकती है। इस मामले में अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 15 जनवरी तय कर मृतका की मां छिंदर कौर और भाई के अलावा अन्य गवाह तलब किए हैं।
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