-हरियाणा सरकार ने ठोस जवाब देने की तैयारी की, पहले दिन 60 सवालों के जवाब दिए जाएंगे
-13 दिसंबर तक 49 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और एक सरकारी बिल पहुंचा, एक काम रोक प्रस्ताव भी आया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से शुरू हो रहा है। तीन दिवसीय सत्र काफी हंगामेदार हो सकता है। विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस और इनेलो जहरीली शराब कांड, फसलों का मुआवजा, नौकरियां, एनसीआरबी की हालिया रिपोर्ट और सीएम-विज के बीच हुए विवाद की वजह से दो महीने से रुके कामों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगी। वहीं, सरकार ने भी इन मुद्दों पर जवाब देने के लिए मजबूत तैयारी कर ली है। 60 तारांकित प्रश्न कार्यवाही का हिस्सा बनेंगे। जबकि 24 विधायकों ने 156 अतारंकित प्रश्न पूछे हैं।
पहले दिन यानी 15 दिसंबर को 20 तारांकित प्रश्न और 40 अतारंकित प्रश्नों के जवाब सरकार की ओर से दिए जाएंगे। इनमें कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा ने सरकार ने पूछा है कि सरकार ने नौ साल में विज्ञापनों में कितना पैसा खर्च किया है। इसके अलावा उन्होंने ग्रुप ए और बी में नौकरियों की संख्या के बारे में भी जानकारी मांगी है। इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने भी सरकार से सीएम की घोषणाओं की जानकारी मांगी है। सरकार की ओर से इन घोषणाओं पर कितना काम हुआ है। इसकी भी उन्होंने जानकारी मांगी है। वहीं, कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी ने बसों की संख्या की जानकारी मांगी है।
वहीं, विपक्ष के विधायकों ने तारांकित प्रश्न भी काफी तीखे पूछे हैं। जाहिर है कि जब इनके जवाब आएंगे तो विपक्ष इन्हें मुद्दा भी बना सकता है। विभागावार सूची के मुताबिक पीडब्ल्यूडी के 44, स्वास्थ्य विभाग के 32, स्थानीय निकाय के 33, विकास एवं पंचायत के 27, सिंचाई एवं जल संसाधन के 20, शिक्षा से संबंधित 36 सवाल शामिल हैं। वहीं, सरकार इस सत्र में पांच से छह बिल पेश कर सकती है। सूत्रों ने बताया है कि सरकार 15 दिसंबर तक सत्र में पेश होने वाले बिल को भेज सकती है।
49 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आए, अभी एक स्वीकार
शीतकालीन सत्र के लिए बुधवार तक विधानसभा कार्यालय के पास 49 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, एक काम रोको प्रस्ताव, एक अल्पविधि चर्चा, दो गैर सरकारी और एक सरकारी बिल आया है। सरकारी बिल निजी विश्वविद्यालय के संशोधन नियम संबंधी है। एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को विधानसभा कार्यालय ने स्वीकार कर लिया है। सूत्रों ने बताया है कि स्वीकार किए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर फसल मुआवजा पर बहस होगी। सूत्रों ने बताया कि इन 49 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में जहरीली शराब, नौकरियां और बेरोजगारी के मुद्दे के शामिल हैं। यह भी बताया गया है कि दो और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। अभी एक दिन वक्त और बचा है। ऐसे में कुछ बिल और शामिल किए जा सकते हैं।
कांग्रेस ने 9 साल में सिर्फ 3 दिन का शीतकालीन सत्र बुलाया
तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र को लेकर विपक्ष अक्सर सरकार को घेरता आया है। इस बार ठोस जवाब देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कांग्रेस के कार्यकाल का रिकॉर्ड निकाल लिया है। उनके मुताबिक साल 2005 से लेकर 2013 तक कांग्रेस सरकार ने केवल तीन दिन का शीतकालीन सत्र बुलाया था, जिनमें केवल 11 घंटे तीन मिनट सदन चला। वहीं, साल 2014 से लेकर 2022 तक कुल 21 दिन शीतकालीन सत्र बुलाया। इन सत्रों में 101 घंटे 43 मिनट सदन की कार्यवाही चली। गुप्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में विधायकों को बोलने का मौका नहीं मिलता था।
कांग्रेस ने आज बुलाई बैठक
शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने वीरवार को फिर से विधायकों की बैठक बुलाई है। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा करेंगे। वह वीरवार दोपहर तक चंडीगढ़ पहुंच जाएंगे। वहीं, सरकार ने भी पूरी तैयारी कर रखी है। सरकार अपने सभी विधायकों के संपर्क में है।