संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। प्रशासन ने मुनाफे में चल रहे बिजली विभाग के निजीकरण का दस्तावेज जारी कर दिया है। इसके लिए 23 नवंबर से बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सरकारी विभाग के सीधे निजीकरण करने के मामले में प्रशासन ने बिजली एक्ट 2003 का उल्लंघन किया है। यह आरोप है यूटी पावरमेन यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी का। उन्होंने कहा कि इस मामले में जेईआरसी की अनुमति लेनी भी जरूरी नहीं समझा गया, जिसने विभाग को लाइसेंस जारी किया है।
जोशी ने कहा कि इसके विरोध में कर्मचारियों ने 10 से 13 नवंबर तक 2-2 घंटे कलम व औजार छोड़ हड़ताल करने और 14 नवंबर को दिवाली पर सामूहिक छुटृी लेने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 15 से 25 नवंबर तक लगातार काम रोककर प्रदर्शन किया जाएगा जबकि 29 नवंबर को 24 घंटे की पूर्ण हड़ताल की जाएगी। गोपाल दत्त जोशी ने कहा कि कर्मचारियों का भविष्य क्या होगा। उपभोक्ताओं के हित कैसे सुरक्षित रहेंगे। कर्मचारियों व उपभोक्ताओं की जमा पूंजी सीधे तौर पर निजी मालिकों के हवाले कर दी गई है। यूनियन ने प्रशासन के इस फैसले का सख्त विरोध किया है।