सुखबीर बादल ने कहा, सिखों की पहचान कमजोर करने की साजिश
मोदी और अमित शाह को पत्र लिखकर पूर्ण सिख की नियुक्ति की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिरोमणी अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पवित्र तख्त श्री हुजूर अबचल नगर साहिब नांदेड़ के प्रशासक के रूप में एक गैर-सिख की नियुक्ति की गहरी निंदा करते हुए, इस फैसले को ‘अलग सिख पहचान’ पर वैचारिक हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह एसजीपीसी के आंतरिक धार्मिक मामलों में लगातार हमलों और हस्तक्षेप का ही सिलसिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखे अलग-अलग पत्रों में बादल ने इस फैसले को तुरंत वापस लेने और खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़े तख्त के प्रशासक के रूप में ‘एक पूर्ण सिख’ (पूरी तरह अभ्यास करने वाला सिख) की नियुक्ति की मांग की। उन्होंने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से सिख भावनाओं के प्रति अधिक संवेदनशीलता दिखाने का भी आग्रह किया।
बादल ने कहा कि ‘एसजीपीसी और अकाली दल के नेतृत्व में सिख संगत इन साजिशों को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय खालसा पंथ के पहले से ही गहरे जख्मों पर नमक छिड़कता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्हें परविंदर सिंह पसरीचा की जगह लेने लायक देश में एक भी सिख नहीं मिला? उन्होंने कहा कि क्या सरकार यह दिखाना चाहती है कि सिख स्वयं अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन नहीं कर सकते और सरकार हमेशा अहंकार व संवेदनहीनता के साथ हमारे पवित्र धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करेगी? उन्होंने कहा कि इस फैसले से सिख दर्शन और प्रथाओं के साथ-साथ सिख संस्थानों, विशेष रूप से एसजीपीसी के खिलाफ हमला स्पष्ट नजर आता है।