एक साल में एक पंजीकृत मजदूर को करीब एक लाख रुपये तक की सहायता का है प्रावधान
पंजीकरण न होने के कारण मजदूरों को भटकना पड़ता है सीएससी कार्यालयों में
अमर उजाला ब्यूरोचंडीगढ़। हरियाणा श्रमिक कल्याण विभाग में पंजीकरण को लेकर आ रही श्रमिकों की परेशानियों को देखते हुए विभाग जल्द ही जिला कार्यालयों में ही पंजीकरण के लिए सुविधा केंद्र खोलने जा रहा है। श्रमिक विभाग कार्यालय में जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। जिससे उन्हें सीएससी संचालकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मौजूदा व्यवस्था में श्रमिकों को सीएससी संचालकों के माध्यम से विभाग में अपने पंजीकरण के लिए आवेदन करवाना पड़ता है। विभाग को शिकायतें मिली थीं कि कई बार श्रमिकों से ज्यादा वसूली किए जाने के अलावा कुछ अधिकारियों के हस्ताक्षर स्कैन करके रख लेते हैं। इससे गड़बड़ी की आशंका रहती है। इसके अलावा कई बार सीएससी संचालकों के पास पंजीकरण के लिए गए श्रमिकों को समय भी नहीं मिल पाता। जिससे उन्हें कई-कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। श्रमिकों की इसी समस्या को देखते हुए विभाग ने निर्णय लिया है कि सभी जिला कार्यालयों में ही एक सुविधा केंद्र स्थापित कियाा जाए। जहां श्रमिक अपने कागजात ले जाकर पंजीकरण करवा सकेगा। एक तो कार्यालय में श्रमिकों से अवैध वसूली नहीं होगी, दूसरा कागजात अपलोड करने बारे सही जानकारी दी जाएगी। ताकि उन्हें अनावश्यक चक्कर न काटने पड़े। इसके अलावा पंजीकरण की पुष्टि करने वाले कर्मचारी को भी विभागीय निगरानी में ओटीपी भेजकर पुष्टि करवाई जा सकेगी कि संबंधित श्रमिक पंजीकरण के लिए योग्य है या नहीं।
श्रमिक कल्याण विभाग के प्रधान सचिव अनुराग अग्रवाल ने बताया कि विभाग द्वारा यह आवश्यकता महसूस की जा रही है कि जिला कार्यालयों में ही श्रमिकों के पंजीकरण की सुविधा होनी चाहिए। इसके लिए फैसला लिया जा चुका है। जल्द ही जिला कार्यालयों में पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी। ताकि श्रमिकों को इस कार्य के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़ सके। पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग पात्र श्रमिकों को साल में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की आर्थिक मदद मुहैया करवाता है।