वीडियो के चक्रव्यूह में फंसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निजी सचिव (पीए) अभिमन्यु पर विपक्ष के साथ अपनों ने भी प्रहार किया है। गीता जन्मस्थली ज्योतिसर से जन अधिकार यात्रा का शंखनाद करने पहुंचे इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि कलियुग के अभिमन्यु ने ऐसा कृत्य जरूर किसी की सहमति से किया। मुख्यमंत्री ही कहते हैं कि उनकी सरकार और पार्टी में सभी निर्णय सहमति से होते हैं। उन्होंने कहा कि सीएम के निजी सचिव ने स्थान, पद, अपने नाम और धार्मिक आयोजन की मर्यादा को भंग किया है। सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
महिलाओं के प्रति सीएम की राय गलत तो उनके पीए से क्या उम्मीद : किरण
इस्माईलाबाद के गांव जंधेड़ी में कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने कहा कि जिस प्रदेश के मुख्यमंत्री की महिलाओं के प्रति राय गलत हो, उनके निजी सचिव से और क्या उम्मीद की जा सकती है।
सरकार को अभिमन्यु के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए : रॉकी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पूर्व ओएसडी और राज्य सरकार के वर्तमान में एक और सुधार कार्यक्रम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रॉकी मित्तल ने कहा कि जिन लोगों को बिना कुछ किए ही महत्वपूर्ण पदों से नवाजा गया है, वे पदों की गरिमा का ध्यान कैसे रख सकेंगे। दो साल पहले उन्हें ओएसडी पद से इसलिए मुक्त किया गया था कि उन्होंने भ्रष्टाचार में लिप्त कुछ लोगों के कारनामों को उजागर किया था। यह कोई पाप नहीं था, जबकि मुख्यमंत्री के निजी सचिव ने जो किया है, वह पाप भी है और पद की मर्यादा को भंग करने का मामला भी है। सरकार को अविलंब अभिमन्यु के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए।
संस्कृति और संस्कार का केवल ढोंग करती है भाजपा : पवन
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव पवन गर्ग ने कहा कि कुरुक्षेत्र वह स्थान है, जहां की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने शराब, मांस तक की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं पर मुख्यमंत्री के निजी सचिव का एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में आयोजित बैठक में आपत्तिजनक वीडियो देखना इस बात को दर्शाता है कि भाजपा और उसकी सरकार सिर्फ संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों का ढोंग करती है। जबकि इनकी असली संस्कृति कुछ और ही है।