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Chandigarh News: परीक्षाओं में खामियों को लेकर विपक्ष ने साधा आयोग और सरकार पर निशाना

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कांग्रेस और इनेलो ने एचपीएससी व एचएसएससी को भंग करने की उठाई मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लंबित भर्तियों और परीक्षाओं में सवालों के दोहराए जाने पर विपक्ष ने आयोग और सरकार को निशाने पर लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि सीईटी के जंजाल ने की युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चहेतों के लिए खुली हेराफेरी कर युवाओं के साथ धोखा किया जा रहा है। वहीं, इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा लोक सेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने की मांग की है। इसके अलावा, सभी दलों ने विधानसभा के अंदर भी सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। वहीं आप ने भी परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर सवाल खड़ा किया है। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को बर्खाश्त किया जाए। दोनों ही दिन हुई परीक्षा को रद्द किया जाए। उन्होंने आयोग को हेराफेरी सांठ-गांठ सर्विस कमीशन का नाम देते हुए कहा कि हरियाणा के युवाओं से आए दिन नौकरी के नाम पर मजाक किया जा रहा है। सुरजेवाला ने मांग की कि दोनों दिन की परीक्षा रद्द की जाए। विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सरकार ने एचएसएससी और एचपीएससी को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है।
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कापी पेस्ट कर पेपर लीक करना सरकार का नया फार्मूला : हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के नाम बीजेपी-जेजेपी सिर्फ हरियाणा के युवाओं को चक्करघिन्नी की तरह घुमा रही है। सीईटी मेंस में हुए पेपर कॉपी कारनामे से स्पष्ट हो गया है कि सरकार भर्ती करना ही नहीं चाहती। और भर्ती प्रक्रिया शुरू करती है तो बेरोजगारों के साथ इस तरह का धोखा किया जाता है। हुड्डा ने आरोप लगाया कि सवाल कॉपी-पेस्ट करना बीजेपी-जेजेपी सरकार द्वारा पेपर लीक करवाने का नया फार्मूला बन गया है। एचसीएस से लेकर ग्रुप-सी और डी तक में अपने उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार इस तरह पेपर लीक करवा रही है। इतना ही नहीं, सीईटी के रिजल्ट में भी अनगिनत गड़बड़ियां पाई गईं। परीक्षा को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ दिया गया और अंकों में सोशियो-इकोनामिक का झमेला शुरू हो गया। कई उम्मीदवारों की कैटेगरी ही बदल गई।
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