हरियाणा में ग्रुप-सी की मुख्य परीक्षा में 41 सवाल दोहराए जाने से हुई किरकिरी के बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और सरकार ने कड़ा रूख अपनाते हुए पेपर तैयार करने वाली एजेंसी को तलब किया है। एजेंसी को ब्लैकलिस्टेड करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, परीक्षा रद्द करने या नहीं करने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। आयोग इस संबंध में कानूनी राय ले रहा है।
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मंगलवार को दिनभर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी, आयोग के सचिव, परीक्षा नियंत्रक के साथ बैठकों का दौर रहा। तमाम मंथन के बाद पेपर तैयार करने वाली एजेंसी को फोन के माध्यम से आयोग के सामने आने के लिए तलब किया गया है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि पहले एजेंसी को इसके लिए नोटिस जाएगा और उसके बाद नियमों के तहत एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष लगातार हो रहा था हमलावर
सोमवार को कैटेगरी नंबर 56 की परीक्षा में एक दिन पहले हुई कैटेगरी नंबर 57 के 41 सवालों को हूबहू दोहरा दिया गया था। इस मामले को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं। इससे पहले भी एचपीएससी और एचएसएससी की परीक्षाओं में इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं।
उपमुख्यमंत्री बोले- एचएसएससी की क्षमता पर उठे सवाल
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि परीक्षा में 41 सवालों को दोहराए जाने का मामला गंभीर है। यह एचएसएससी की क्षमता पर सवाल है। हरियाणा सरकार को इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए। परीक्षा को रद्द करने या नहीं करने को लेकर अभी वह कोई टिप्पणी नहीं कर सकते, आयोग का पक्ष आने के बाद वह कुछ कहेंगे। हालांकि, दुष्यंत ने परीक्षा में चहेतों को लाभ देने के सवाल पर कहा कि यह आरोप गलत है।
पेपर सेट गोपनीय तरीके से प्राइवेट एजेंसी से कराया जाता है, इसमें आयोग का कोई दखल नहीं होता है। परीक्षा में 41 सवाल दोहराए जाने पर संबंधित एजेंसी को बुलाया है। परीक्षा को लेकर कानूनी राय ली जा रही है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। किसी भी परीक्षा में न तो किसी को लाभ दिया है और न ही भेदभाव किया है।
-भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।