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Chandigarh News: किसान आंदोलन पर विपक्ष ने साधा निशाना, सत्तापक्ष ने कहा-किसानों के सदैव हितेषी रहे

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। किसानों के मुद्दे पर हरियाणा की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष के नेताओं ने किसान संगठनों की मांग पर बयान जारी किया है। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार को किसानों की मांगें मान लेनी चाहिए और उन पर कोई कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। वहीं, सत्ता पक्ष के नेताओं का तर्क है कि हरियाणा ही एक ऐसा राज्य है, जहां एमएसपी पर सबसे ज्यादा फसल खरीदी जाती हैं।
केंद्र सरकार किसान संगठनों की मांगे मानें : हुड्डा केंद्र को किसानों की मांगों को स्वीकार करना चाहिए और 2021 के कृषि आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को रद्द करने के अलावा एमएसपी पर कानूनी गारंटी देनी चाहिए। भाजपा ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन वह विफल रही। इनपुट लागत दोगुनी हो गई है और फसलों की कीमतें उस हिसाब से नहीं बढ़ाई गईं। - भूपिंदर सिंह हुड्डा, नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री।
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पीएम खुद किसानों से बात करें : सुरजेवाला
यह कैसा अमृतकाल है। दिल्ली का बॉर्डर सील है। अंबाला का ऐसा माहौल है जैसे ये कोई दुश्मन देशों का बॉर्डर हो। जुल्म की इंतहा देखिए। किसान अपनी मांग के लिए दिल्ली जा रहा और हरियाणा सरकार उन पर आंसू बम बहा रही है। कांग्रेस किसानों के न्याय की मांग का समर्थन करती है। हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री खुद किसानों से बात करें और उन्हें न्याय दे। - रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस नेता।

आम किसान कहता है कि इससे अच्छी सरकार कोई नहीं : गुर्जर
इस सरकार ने किसानों के लिए जो काम किया है, वह पहले किसी सरकार ने नहीं किया। हम किसानों के साथ हैं। मुझे लगता है कि किसानों के विरोध के पीछे राजनीति है। सरकार चाहती है कि किसान आर्थिक रूप से मजबूत हों। सभी मुद्दे बातचीत से हल होते हैं। किसान संतुष्ट हैं लेकिन आंदोलनकारी आंदोलन कर रहे हैं। आम किसान कह रहा है कि इससे अच्छी सरकार कोई नहीं है। - कंवर पाल गुर्जर, शिक्षा मंत्री।

किसानों के साथ खड़ी है आम आदमी पार्टी : गुप्ता
आम आदमी पार्टी किसानों के साथ खड़ी है। किसान एमएसपी की मांग कर रहे हैं। दो साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इसका वादा किया था। उसको लेकर ही केंद्र सरकार से बातचीत के लिए किसान दिल्ली आ रहे हैं, लेकिन भाजपा किसानों को कुचलने की तैयारी कर रही है। किसानों ने तीन काले कानूनों के खिलाफ लंबा संघर्ष किया था। अब एमएसपी की लड़ाई है। केंद्र सरकार को किसानों की एमएसपी की मांग को मानना ही पड़ेगा। -डॉ. सुशील गुप्ता, प्रदेशाध्यक्ष, आप।

बिजनेसमैन का कर्ज माफ किया तो किसानों का क्यों नहीं करते : ढांडा
मोदी सरकार ने दो साल पहले विश्वास दिलाया था कि एमएसपी कानून को लागू करेंगे। दूसरी मांग कर्ज माफी की थी। मोदी सरकार ने कुछ 100 बिजनेसमैन का 13 लाख करोड़ रुपये माफ किया था तो 16 करोड़ किसानों का कर्जा माफ क्यों नहीं किया जाता। पहले भी किसान एक साल से ज्यादा समय तक किसान सड़कों पर बैठे रहे हैं। - अनुराग ढांडा, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, आप।
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किसानों की खुशहाली के लिए सदैव पक्षधर रहे हैं : अजय चौटाला
देश में हरियाणा एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां की सरकार किसानों की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदती है और उसका भुगतान सीधा किसानों के खाते में करती है। किसानों की खुशहाली और उनकी समस्याओं के समाधान के हम सदैव पक्षधर रहे हैं। आंदोलन के दौरान भी जिन किसानों पर मुकदमे दर्ज हुए थे, उन्हें वापस लेने का काम अकेली हरियाणा सरकार ने ही किया था। - डॉ. अजय चौटाला, राष्ट्रीय अध्यक्ष, जजपा।
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